‘ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे, सिस्टम का भी हिसाब होगा’, SIR को लेकर राहुल गांधी का निशाना

Edited By Updated: 28 Sep, 2026 09:05 PM

gyanesh kumar will certainly go and the will also be held accountable

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितता को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि सीईसी को तो जाना पड़ेगा, लेकिन उस ''सिस्टम'' का भी हिसाब होगा,...

नेशनल डेस्क : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितता को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि सीईसी को तो जाना पड़ेगा, लेकिन उस ''सिस्टम'' का भी हिसाब होगा, जिसने उनसे यह सब करवाया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली के यमुना किनारे स्थित झुग्गी बस्ती 'बेला एस्टेट' में जाकर कई ऐसे लोगों से मुलाकात की जिनके नाम एसआईआर के दौरान मसौदा मतदता सूची से हटा दिए गए थे। उनका कहना था कि इस इलाके में रहने वाले 728 वयस्क लोगों में से 727 लोगों के नाम काट दिए गए।

राहुल गांधी ने लोगों से मुलाकात का एक वीडियो भी 'एक्स' पर साझा किया, जिसमें वह क्षेत्र के एसडीएम (उप जिला दंडाधिकारी) से फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में राहुल एसडीएम से मतदाताओं के नाम हटाने के कारणों के बारे में पूछते नजर आ रहे हैं और बातचीत के आखिर में वह चेतावनी भरे लहजे में कहते हैं, ''आप मुझे अपना पूरा नाम, पद के बारे में जानकारी दे दीजिए, मैं आपको दूसरे तरीके से देखता हूं।''

कांग्रेस नेता ने इस विषय को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, ''ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे। पर जिस सिस्टम (तंत्र) ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा।'' गांधी ने दावा किया, ''यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। एसआईआर के बाद (मसौदा) मतदाता सूची में सिर्फ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए।'' कांग्रेस नेता ने कहा, ''ये लोग दशकों से वहां रह रहे हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा तथा 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में मतदान किया था। वर्ष 2023 में उनके घर तोड़ दिए गए थे, लेकिन वे वहां से गए नहीं और अब भी उसी इलाके में रह रहे हैं।''

उन्होंने पोस्ट में कहा, ''एसडीएम से फोन पर मैंने यही कहा- मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद सीईसी ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों के नाम काट दिए गए।'' गांधी ने आरोप लगाया, ''यह एसआईआर नहीं, यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताकत छीनी जा रही है।'' दिल्ली के निर्वाचन अधिकारियों ने पिछले दिनों कहा था कि बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती के लोगों का नाम मसौदा मतदाता सूची से इसलिए हटाए गए क्योंकि उनके मकान ध्वस्त कर दिए गए थे। 

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