Edited By Tanuja,Updated: 21 Jul, 2026 01:52 PM

यूक्रेन के ओडेसा तट के पास MV Golden Leo पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। भारत ने रूस के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और नागरिक जहाजों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन...
International Desk: यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास एक नागरिक मालवाहक जहाज पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूस के कार्यवाहक राजदूत (Charge d'Affaires) को तलब किया और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नागरिक जहाजों और निर्दोष चालक दल को निशाना बनाने को "बेहद निंदनीय" बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। यह हमला रविवार शाम उस समय हुआ जब गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Golden Leo ने यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होना शुरू किया था। यूक्रेन की नौसेना के अनुसार, जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय और कई सीरियाई नागरिक शामिल थे। हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने रूस के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि युद्ध के दौरान व्यावसायिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और मुक्त नौवहन के सिद्धांतों के खिलाफ है। नई दिल्ली ने मृत भारतीयों के मामले में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत इस हमले की कड़ी निंदा करता है। मंत्रालय के अनुसार, व्यावसायिक जहाजों पर हमला करना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता को प्रभावित करना अस्वीकार्य है।
भारतीय दूतावास यूक्रेन में स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित भारतीयों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य थे। इनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले के बाद कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन चार भारतीयों समेत कुल कई लोगों की मौत हुई। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार जहाज पर आग लग गई थी और बचाव अभियान रातभर जारी रहा। यूक्रेन की नौसेना और विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि यह हमला रूस द्वारा किया गया। यूक्रेन का कहना है कि जहाज अनाज लेकर युद्ध क्षेत्र से बाहर निकल रहा था और उस पर मिसाइल हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। रूस की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
समुद्री मार्गों पर बढ़ा खतरा
ब्लैक सी (काला सागर) में हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन के बीच हमले तेज हुए हैं। इससे नागरिक मालवाहक जहाजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यूक्रेन के अनाज निर्यात मार्ग भी लगातार निशाने पर हैं, जिससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। हाल के सप्ताहों में युद्धग्रस्त समुद्री क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की मौत की यह सबसे गंभीर घटनाओं में से एक है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में भी संघर्ष के दौरान भारतीय नाविक हताहत हुए थे। भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन करने की अपील की है।