Screen Guard Rules: मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल 2027 से बदला नियम

Edited By Updated: 23 Sep, 2026 10:48 AM

smartphone screen protector bis mandatory bis certification screen guard 2027

सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए 'ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स' (BIS) सर्टिफ़िकेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत, भारत में ऐसे प्रोडक्ट बेचने से पहले कंपनियों को रेगुलेटरी मंज़ूरी लेनी होगी। इस कदम से खराब क्वालिटी वाले स्मार्टफोन...

नई दिल्ली: सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए 'ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स' (BIS) सर्टिफ़िकेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत, भारत में ऐसे प्रोडक्ट बेचने से पहले कंपनियों को रेगुलेटरी मंज़ूरी लेनी होगी। इस कदम से खराब क्वालिटी वाले स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर रोक लगने और ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम (Optiemus Infracom) जैसी घरेलू कंपनियों को मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने भारत में प्रोडक्शन शुरू कर दिया है।

21 सितंबर को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया, "इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गुड्स (अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता) ऑर्डर, 2021 के नियम उन सामानों या चीज़ों पर लागू होंगे जो कॉलम 2 (स्मार्टफोन के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर) में बताए गए हैं। इस नोटिफिकेशन के ज़रिए इन्हें ऑर्डर की लिस्ट में जोड़ा गया है, ताकि ये कॉलम 3 में बताए गए संबंधित भारतीय स्टैंडर्ड (IS 19348:2025) के अनुरूप हों। यह नियम 1 अप्रैल, 2027 से लागू होगा।"

स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर इस नियम के तहत नोटिफ़ाई की जाने वाली 66वीं चीज़ है। इस लिस्ट में शामिल अन्य चीज़ों में स्मार्टफोन, लैपटॉप, मोबाइल और लैपटॉप चार्जर, LED टेलीविज़न, माइक्रोवेव ओवन, प्रिंटर और सेट-टॉप बॉक्स वगैरह शामिल हैं। "स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए ज़रूरी BIS स्टैंडर्ड लागू करना इस कैटेगरी के लिए एक अहम पड़ाव है और यह क्वालिटी पर आधारित 'मेड-इन-इंडिया' इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है।

ऑप्टिएमस इन्फ्राकॉम के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अशोक गुप्ता ने कहा, "ऑप्टिएमस इन्फ्राकॉम में, हम अपनी मौजूदा स्क्रीन-प्रोटेक्टर बनाने की क्षमता को बढ़ा रहे हैं। हम 2 करोड़ यूनिट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना बना रहे हैं ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके और घरेलू इकोसिस्टम के विकास में योगदान दिया जा सके।"

ऑप्टिएमस ने नोएडा में एक प्रोडक्शन यूनिट लगाई है, जहाँ अमेरिकी मटीरियल टेक्नोलॉजी कंपनी कॉर्निंग की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाए जाएंगे। कंपनी को उम्मीद है कि जनवरी 2027 से इनकी शिपिंग शुरू हो जाएगी। कंपनी को चालू वित्त वर्ष में अपने टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर बिज़नेस से 1,800-2,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

मोबाइल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों के संगठन ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि 1 अप्रैल 2027 से ज़रूरी BIS सर्टिफिकेशन लागू होने से ग्राहकों को घटिया क्वालिटी वाले प्रोडक्ट से सुरक्षा मिलेगी और साथ ही घरेलू मैन्युफैक्चरर्स और ग्लोबल कंपनियों के लिए समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) तैयार होगा।

उन्होंने कहा, "सालाना 50 करोड़ (500 मिलियन) से ज़्यादा यूनिट के मार्केट के साथ, यह कदम 12,000-16,000 करोड़ रुपये की क्वालिटी-बेस्ड इंडस्ट्री को बढ़ावा देगा, लगभग 60,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा और GST रेवेन्यू में अनुमानित 2,000 करोड़ रुपये का योगदान देगा। इससे स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भारत की क्षमता भी मज़बूत होगी।" अनुमान है कि 2025 में टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर का घरेलू मार्केट 40 करोड़ (400 मिलियन) पीस का होगा, जिसकी रिटेल वैल्यू 20,000 करोड़ रुपये होगी। 


 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!