राजकोषीय घाटे की भरपाई भारत के लिए बडी चुनौती: फिच

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Monday, August 26, 2013-2:32 PM

नई दिल्ली: वैश्विक साख निर्धारण एजेंसी फिच ने कहा है कि भारत के लिए मौजूदा आर्थिक परिप्रेक्ष्य में चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे की भरपाई बडी चुनौती बन चुकी है। फिच के आर्थिक सलाहकार आर्ट वू ने कहा कि आर्थिक सुस्ती, मंहगई और चालू खाते के संकट की जो स्थिति है उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को पाटना बहुत मुश्किल होगा।

 

फिच ने भारत की ऋण साख के पूर्वानुमान को ‘ट्रिपल बी माइनस’ की श्रेणी में रखा है। साख निर्धारण के पैमाने पर यह रेटिंग, जंक के महज एक पायदान उपर है यानि की अगर भारत की ऋण साख बस एक स्तर और नीचे की गयी तो यह ‘जंक’ की श्रेणी में आ जाएगी। यह वह श्रेणी है जिसे निवेश के लिहाज से पूरी तरह नकारात्मक माना जाता है।

 

गत सप्ताह रुपए में आ रही तेज गिरावट कें संदर्भ में फिच ने कहा था कि भारत की ऋण साख का नकारात्मक श्रेणी में जाने का फिलहाल कोई खतरा नहीं है हालांकि उसने चेतावनी दी थी कि मौजूदा आर्थिक हालात को सरकार यदि सही तरीके सें नहीं संभाल पाई तो भारत की साख को खतरा हो सकता है।


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