सबके लिए सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाना मुश्किल : मनोहर लाल खट्टर

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Saturday, January 13, 2018-10:16 AM

पंचकूला(आशीष) : मैडीकल क्षेत्र में युवाओं के कैरियर की क्या तस्वीर है प्रदेश में? इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में जनसंख्या के आधार पर 27 हजार के करीब डाक्टरों की जरूरत है लेकिन प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र में 12 से 14 हजार के करीब ही डाक्टर हैं। प्रदेश में 22 मैडीकल कालेज की जरूरत है जिसमें से 7-8 खुलने जा रहे हैं। 7 या 8 नए खुलने के लिए योजना तैयार की जा रही है। 

 

प्रश्न : योग को खेलों से बाहर क्यों किया गया है?
मुख्यमंत्री : योग कोई खेल नहीं है बल्कि सभी को योग करना चाहिए। इसे मानसिक और शारीरिक तंदुरुस्ती बढ़ती है। 

 

प्रश्न : प्रदेश में बच्चे कुपोषण के शिकार हो रह हैं।
मुख्यमंत्री : इसके लिए जागरूगता की कमी जिम्मेदार है। लोगों की रुचि खाने मेंकम, फैशन में अधिक हो गई है। मां को अपने नवजात बच्चें को दो साल तक अपना दूध पिलाना चाहिए न कि बोतल का। आजकल के युवा भी सब्जी, जूस और खानपान की ओर अधिक ध्यान नहीं देते। 

 

प्रश्न : सरकारी क्षेत्र में रोजगार के क्या साधन हैं?
मुख्यमंत्री : सभी के लिए सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाना सरकार के लिए मुश्किल है। लोगों को सरकारी नौकरी समाजसेवा के लिए प्रदान की जाती है लेकिन कई लोग रोजगार हासिल करने के बाद भटक जाते हैं। 

 

प्रदेश में भाजपा की सरकार आने से पहले सरकारी नौकरी की जगह ठेके पर नौकरी दी जाती थी पर भाजपा की प्रदेश में सरकार आने के बाद सरकारी नौकरियों के लिए मेरिट के आधार पर नौकरी प्रदान की जाती है। सक्षम योजना शुरू की गई है जिसमें प्रदेश के युवाओं को 3 वर्ष के लिए 100 घंटे काम के बदले 9000 और 7500 रुपए मिलते हैं। 30000 युवाओं को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है। 

 

प्रश्न : प्रदेश में बिजली 24 घंटे क्यों नहीं मिलती?
मुख्यमंत्री : प्रदेश में सरकार के आने पर बिजली कम्पनियां घाटे में चल रही थी। सरकार ने उनके घाटे को पूरा करते हुए कम्पनियों का सहयोग किया। जनता अगर बिल की अदायगी करे तो सरकार को भी दिक्कत नहीं है। पंचकूला, अंबाला, गुरुग्राम और फरीदबाद में लोगों को 24 घंटे बिजली प्राप्त हो रही है। 

 

प्रश्न : सरकारी अस्पताल में गरीब के साथ मजाक आखिर कब थमेगा?
मुख्यमंत्री : सरकारी अस्पताल में डाक्टरों की कमी है जिस कारण कई बार इस प्रकार की शिकायतें सामने आती हैं। प्राइवेट महंगे हैं। सरकारी अस्पताल में 570 दवाइयां निशुल्क प्रदान की जाती है। सरकारी में डाक्टरो की संख्या कम और मरीज अधिक हैं। जल्द ही बीमा योजना तैयार की जाएगी ताकि सभी को एक रेट पर एक जैसी सुविधाएं मिल सकें।

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