धनु राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल

  • धनु राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल
You Are HereDharm
Thursday, December 26, 2013-12:16 PM

आने वाला नया साल आपके लिए और आपके परिवार के लिए कैसा होगा यह जानने की उत्सुकता प्रत्येक व्यक्ति को होती है। पंजाब केसरी चन्द्र राशि के आधार पर आपको यह बताने की कोशिश कर रहा है कि आने वाला साल आपके लिए कैसा होगा। आमतौर पर राशि की गणना सूर्य और चन्द्र राशि के आधार पर होती है लेकिन भारतीय पराशर ज्योतिष में चन्द्र राशि को ही मान्यता है और जातक का नाम भी चन्द्र राशि के आधार पर ही तय होता है। यदि आपका नाम  ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ, ढ, भे से शुरू होता है तो आपकी चन्द्र राशि धनु है। धनु राशि के लिए आने वाला साल कुछ ऐसा रहेगा।

जनवरी
मासारम्भ में सूर्य चन्द्र, बुध आदि ग्रहों का संचार, गरू की शुभ तथा मंगल शनि की अशुभ दृष्टियां पड़ रही हैं। परिवार में शुभ एवं मंगल कार्य पर धन का खर्च होगा। उच्च प्रतिष्ठित लोगों में मेल जोल बढ़ेगा। शनि की दृष्टी होने से बनते कामों में विध्न , मानसिक तनाव और धन का अपव्यय होगा।

फरवरी
इस राशि पर गुरू की स्वगृही दृष्टि होने से धन लाभ, स्त्री एवं संतान सुख मिलेगा उच्चप्रतिष्ठित लोगों से संबंध बनेंगे परंतु शनि की अशुभ दृष्टि के कारण प्रत्येक कार्य में अड़चनें, अनावश्यक घर्च रहेंगे। 20 फरवरी के पश्चात मानसिक तनाव, परिवारिक उलझनें एवं विदेशी कार्यों में विध्नों के संकेत हैं।

मार्च
राशिस्वामी गरु की स्वगृही दृष्टि होने से कुछ रूके हुए कार्यों में सिद्धि प्राप्त होगी। स्त्री व संतान सुख मिलेगा। परिवार में शुभ मंगल कार्य भी संपन्न होंगे परंतु शनि की तृतीय दृष्टि होने से मानसिक तनाव, बनते कामों में विध्न, स्वास्थ्य ढीला एवं आर्थिक उलझनों के कारण मन परेशान रहेगा। चोटादि का भय भी रहेगा।  

अप्रैल
शनि की दृष्टि के कारण मानसिक तनाव, असमंजसपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सफलता एवं लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी से लेन देन करते समय विवाद उत्पन्न होगा। अधिकतर समय व्यर्थ के कामों में व्यतित होगा। धार्मिक कार्यों की ओर रूचि रहेगी।

मई
राशि पर गुरू एवं शनि की दृष्टियां होने से शुभाशुभ प्रभाव होंगे। पूर्वार्द्ध भाग में धन लाभ व सुख के साधनों में वृद्धि होगी। धर्म कर्म की ओर रूचि भी होगी परंतु आकस्मिक खर्चों के कारण घरेलू उलझनें व परेशानियां होंगी।

जून
गुरू, मंगल एवं शनि की संयुक्त दृष्टियां पड़ रही है। व्यवसाय में नए लोगों से मेल मिलाप होगा। परिवार में शुभ एवं धार्मिक कार्यों पर खर्च होगा। तीर्थ स्थल की यात्रा भी होगी। 19 जून से गुरू अष्टमस्थ होने से व्यर्थ की भागदौड़ अधिक रहेगी।

जुलाई
राशिस्वामी गरु उच्चस्थ होने के कारण व्यवसाय में धन लाभ एवं उन्नति के अवसर तो मिलेंगे परंतु मान प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। 13 जुलाई तक मंगल की इस राशि पर चतुर्थ दृष्टि पड़ने से स्वभाव में क्रोध की भावना अधिक रहेगी। मासांत में खर्च भी बढ़ चढ़ कर होंगे।

अगस्त
मासारम्भ में राशिस्वामी गरु उच्चराशिस्थ होकर अस्तंगत है, फलस्वरूप मास के शुरू में बनते कामों में अड़चने रहेंगी। धन लाभ भी अल्प रहेगा। खर्चों में अधिकता होगी। 5 अगस्त के उपरांत गुरू पूर्व दिशा में उदित होगा। बिगड़े कामों में सुधार होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। मासान्त में कोई शुभ समाचार मिलेगा।

सितम्बर
राशिस्वामी गरु अष्टम भाव में होने से विदेश संबंधी कार्यों में विध्न तथा आर्थिक उलझनों के कारण व्यवसायिक क्षेत्रों में लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होगी। उत्तरार्ध में किसी विशेष कार्य के बन जाने से खुशी मिलेगी परंतु भुमि जायदाद संबंधी मतभेद दूर होने में विलम्ब होगा।

अक्तूबर
मासारम्भ में आय के साधन बनते रहेंगे। विदेशी संबंधियों के सहयोग से धन लाभ एवं आयात निर्यात कार्य की योजना बनेगी। 18 अक्तूबर से मंगल का संचार होने से अत्यधिक खर्च एवं स्वास्थ्य कुछ ढिला रहेगा। परिवार में कुछ मनमुटाव भी रहेगा। स्वभाव में तेजी रहेगी। श्री दुर्गा कवच का पाठ करना शुभ रहेगा।

नवम्बर
2 नवम्बर से शनि की साढ़सति के प्रभाव से बनते कामों में विध्न, विदेश संबंधी कार्यों पर धन का खर्च अधिक होगा। राशि स्वामी गुरू अष्टम में एवं मंगल की नीच दृष्टि होने से स्वास्थ्य हानि, शरीर कष्ट एवं मन में अशांति रहेगी। श्री शिव पूजन करना शुभ होगा।

दिसम्बर
शनि की साढ़सति के प्रभाव से व्यवसाय के क्षेत्र में अनेक उतार चढ़ाव एवं परिवर्तनों का सामना करना पड़ेगा। वृथा भागदौड़ एवं धन का खर्च शुभ कामों पर होगा। उत्तरार्द्ध भाग में आर्थिक स्थिति में सुधार एवं उन्नति के योग हैं परंतु पेट विकार से परेशानी होगी।        




    


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You