अग्नि-5 की गरज से बौखलाए दुश्मन, आसान नहीं अब भारत से उलझना

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Monday, September 16, 2013-7:26 AM

जालंधरः रविवार को ओडि़शा तट से अग्नि-5 का सफल परीक्षण करने के पश्चात भारत दुनिया का ऐसा छठा देश बन चुका है जो अंतर महाद्वीपीय मिसाइल से लैस है। इस मिसाइल की विशेषता की बात करें तो इसकी मारक क्षमता पांच हजार किलोमीटर से ज्यादा है। यह 1.5 टन परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके लपेटे में पूरा एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्से आ जाएंगे।

और अब बात करते है कि भारत के चिर प्रतिद्वंदी चीन के लिहाज से यह मिसाइल कितनी महत्तवपूर्ण है.... तो हम आपको बता दें कि यह परमाणु हथियार लेकर न सिर्फ शंघाई और बीजिंग तक पहुंच सकती है, बल्कि चीन में सबसे उत्तरी कोने पर बसा हैबिन सिटी तक इसके लपेटे में आ सकते हैं। इससे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन के पास ऐसी मिसाइलें हैं। हमेशा से विवादित क्षेत्र रहने वाले तिब्बत में चीन के द्वारा लंबी दूरी की मिसाइलों को तैनात करने के बाद अग्नि-5 का प्रक्षेपण काफी महत्व रखता है।

अगर एक बार इसे दाग दिया जाए तो इसे रोकना लगभग नामुमकिन है और इसे लांच करना इतना आसान है कि इसे किसी सड़क के किनारे से भी दागा जा सकता है। अभी इसके कुछ और प्रक्षेपण बाकी है जिसके बाद इसे 2014-15 तक सेना में शामिल किया जाएगा। अगर बात करें इसके आकार की तो इस मिसाइल की लंबाई 17.5 मीटर है और इस पर करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत आई है। अग्नि-5 में जिन तकनीकों का प्रयोग किया गया है उन्होंने अमेरिका जैसे देशों को भी कतार में लाकर खड़ा कर दिया है।

सुपरपावर बना भारत, सहमे दुश्मन
अग्नि-5 ने भारत का नाम दुनिया के उन चंद देशों में शामिल हो गया है जिन्हें पूरी दुनिया ने सुपरपावर माना है। अब भारत पर हमला करने की ताक में रहने वाले दुश्मनों को भारत पर हमला करने से पहले कई बार सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा। बात की जाए नापाक पाक की तो शायद ही उसके लिए इस मिसाइल की जरूरत पड़े। समय गवाह है कि सीमा पर तैनात हमारे जवान ही उसपर भारी पड़े हैं।

गोली की रफ्तार से जाने वाली इस मिसाइल ने भारत के सीने को दुनिया के सामने और चोड़ा कर दिया है। आने वाले समय में यह भारत के लिए एक रक्षा कबच का कार्य करेगी। चाहे बात ड्रैगन पुकारे जाने वाले चीन की हो या फिर किसी अन्य देश की इसकी प्रहार क्षमता पूरे एशिया, ज्यादातर अफ्रीका व आधे यूरोप तथा अंडमान से छोड़ने पर ऑस्ट्रेलिया तक की है।

ड्रैगन भी बौखलाया
सीमा पर लगातार अपनी दादागिरी दिखाने वाले चीन के प्रति भारत की चिंताएं अग्नि- 5 के सफल परीक्षण के बाद कुछ कम जरूर हुई हैं। चीन के इसी तानाशाही रबैया भी कहीं ना कहीं अग्नि- 5 के पीछे की बजह बना है। भारत के साथ चीन का हमेशा पेचीदा तरीके से पेश आना भारत के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा था। अग्नि- 5 की सफलता के बाद चीन कहीं न कहीं बौखलाया हुआ भी दिखाई दे रहा है।

चीन ने कहा है कि भारत की अग्नि-5 से उसको किसी तरह कोई खतरा नहीं है न ही इस सफलता के साथ उसे कुछ हासिल होने वाला है। अरूणाचल प्रदेश में चीन लगातार अक्रामक तेबर बनाए हुए है जिसका मुंह तोड़ जबाव अब भारत के पास भी मौजूद है।  चीन को देखते हुए ही भारत ने अग्नि-5 के जरिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। यह मिसाइल अपने लक्ष्य अर्थात महज बीस मिनट के अंदर पांच हजार से अधिक की दूरी तय कर सकती है।

भारत जैसे शांतिप्रिय देश द्वारा अग्नि-5 जैसी मिसाइलों को बनाना चीन जैसे महत्तवाकांक्षी देशों की दादागिरी का ही नतीजा है। मौजूदा समय में वो हर देश खुद को असुरक्षित महसूस करता है जिसके पास ऐसे विनाशकारी हथियार नहीं है। क्यूंकि महाशक्ति बनकर दुनिया में तानाशाही करने की चाह रखने वाले उन देशों को अपने से कमजोर देशों पर हावी होने और उनको गर्त में ले जाने का बस बहाना भर ही चाहिए। 

Edited by:Vikas kumar

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