भारत ने अटलांटिक महासागर के आर-पार दास व्यापार को ‘घृणित’ बताया

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Wednesday, October 23, 2013-9:51 AM

संयुक्त राष्ट्र: अटलांटिक महासागर के आर-पार दास व्यापार को ‘घृणित’ बताते हुए भारत ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि मानवता के खिलाफ इस तरह के अपराध दोबारा ना हो। राज्यसभा के सदस्य अश्विनी कुमार ने कल ‘‘अटलांटिक महासागर के आर-पार दास व्यापार का खात्मा’’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में आयोजित सत्र में कहा, ‘‘अटलांटिक महासागर के आर-पार दास व्यापार मानवता के इतिहास के सबसे घृणित अध्यायों में से एक है। इसने औपनिवेशिक ताकतों के आर्थिक लालच और शोषण को संतुष्ट करने के लिए अफ्रीका और कैरिबियाई देशों को तबाह कर दिया।’’

कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कुमार संयुक्त राष्ट्र के अलग अलग सत्रों में शामिल होने के लिए अमेरिका गए भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। वह इस हफ्ते वाशिंगटन जाएंगे, जहां उनके अमेरिकी कांग्रेस एवं सीनेट, विचारकों और प्रवासी भारतीयों से मिलने की उम्मीद है। दासता को खत्म करने के महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिबद्धता की याद दिलाते हुए कुमार ने कहा कि वर्तमान एवं भविष्य की पीढिय़ों के बीच दासता के इतिहास, कारण एवं प्रभाव और अटलांटिक महासागर के आर पार दास व्यापार को लेकर जागरूकता के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
 


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