बांग्लादेश: बहिष्कार के बीच चुनाव सम्पन्न, 19 की मौत

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Sunday, January 05, 2014-7:47 PM

ढाका:  बांग्लादेश में रविवार को 10वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया। मतदान संपन्न होने के बाद मतगणना शुरू हो गई है। बांग्लादेश में विपक्षी दल बीएनपी और उसके सहयोगियों की ओर से चुनाव का बहिष्कार करने के आह्वान के बीच आज हुए मतदान में बहुत कम मतदाताओं ने मतदान केंद्रों का रूख किया। वहीं देश में अलग-अलग जगहों पर हुए संघर्ष में निर्वाचन अधिकारी सहित 19 लोगों की मौत हो गई तथा 200 से अधिक मतदान केंद्रों को आग के हवाले कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आज स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे बांग्लादेश के 59 जिलों के 300 निर्वाचन क्षेत्रों में से 147 में मतदान शुरू हो गया। मतदान में ज्यादातर मतदाताओं ने घरों में रहना पसंद किया। बहिष्कार के कारण बाकि सीटों के उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना हुआ घोषित कर दिया जाएगा। पुलिस के साथ पार्लियामेंट्री बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश और रैपिड एक्शन बटालियन फोर्स को भी चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है। 147 सीटों के लिए 390 उम्मीदवार मैदान में है जिनमें से अधिकतर उम्मीदवार सत्तारूढ़ आवामी लीग और उसकी सहयोगी जातीय पार्टी के हैं। इन सीटों के कुल मतदाताओं की संख्या करीब 4.4 करोड़ है।

बांग्लादेश में शेष 153 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव नहीं हो रहे क्योंकि विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाला 18 पार्टियों का गठबंधन चुनाव का बहिष्कार कर रहा है। पुलिस ने बताया कि आज 16 लोग मारे गए है जिनमें से ज्यादातर विपक्ष के कार्यकर्त्ता और सुरक्षाकर्मी हैं। जबकि रात में एक चुनाव अधिकारी सहित तीन लोगों की मौत हुई।

चुनाव आयोग ने अभी तक इसकी जानकारी नहीं दी है कि अभी तक कितने प्रतिशत मतदान हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त रकीबुद्दीन अहमद ने मीडिया से कहा, ‘‘मतदान कम रहेगा क्योंकि कुछ दल चुनाव में भाग नहीं ले रहे हैं।’’ हालांकि उन्होंने दावा किया कि चुनाव स्वतंत्र तरीके से हुए हैं। अधिकारियों ने आगजनी की घटनाओं के बाद 160 मतदान केंद्रों पर मतदान स्थगित कर दिया। विपक्षी कार्यकर्ताओं ने 200 से अधिक मतदान केंद्रों को आग के हवाले कर दिया।

बीएनपी नीत विपक्षी गठबंधन ने चुनाव स्थगित करने और तटस्थ कार्यवाहक सरकार के गठन की मांग की थी लेकिन शेख हसीना ने उसकी मांगें ठुकरा दीं। विपक्ष की हड़ताल के बीच देश में हुई हिंसा में 150 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। बीएनपी अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और उनके निर्वासित बेटे एवं पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारिक रहमान ने चुनावों के बहिष्कार का अलग अलग आह्वान किया था।


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