बैलून जो कैंसर प्रभावित हिस्से में जाकर खुलेंगे और...

  • बैलून जो कैंसर प्रभावित हिस्से में जाकर खुलेंगे और...
You Are HereInternational
Friday, April 04, 2014-10:02 PM

न्यूयार्क: कैंसर के रोगियों में उम्मीद की किरण जगाते हुए अनुसंधानकर्ता दवा देने का बेहतर तरीका ईजाद करने में जुटे हैं। वे ऐसे नैनोबैलून बनाने में जुटे हैं जो शरीर के कैंसर प्रभावित हिस्से में जाकर खुलेंगे और फव्वारे की तरह सही खुराक छोड़ेंगे। इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होगा। महीन संशोधित लिपोसोम्स के इस बैलून को खोलने के लिए लाल लेजर-रे छोड़ी जाती है। बैलून खुलने के बाद दवा की सांद्रित खुराक शरीर के प्रभावित हिस्से में घुल जाती है।

युनिवर्सिटी ऑफ बफैलो में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर जानथन लावेल्ल ने कहा, ‘‘पॉप-लिपोसोम्स या नैनोबैलून दूसरों के मुकाबले कम हानिकारक लाल लेजर के प्रत्युत्तर में क्यों खुलते हैं, यह रहस्य बना हुआ है, लेकिन हमने निश्चित रूप से एक नया और अनोखा तथ्य खोजा है।’’ वर्तमान में कीमोथेरेपी कैंसर से लडऩे में मददगार है, लेकिन शरीर के जिस हिस्से में उसे असर करना चाहिए वहां तक औषधीय तत्व पहुंच नहीं पाते।

ये दवाएं अक्सर रक्त, अस्थि-मज्जा और शरीर की अन्य स्वस्थ प्रणाली के साथ प्रतिक्रिया करती हैं। इससे दवा कमजोर पड़ जाती है और अनचाहा साइड इफेक्ट भी होता है। मनुष्य के बाल के मुकाबले 1000 गुना पतला नैनोबैलून एक कार्बनिक यौगिक पॉफैरिन और खाद्य तेल के सदृश वसा फॉस्फोलिपिड का संघटक होता है। कीमोथेरेपी के परंपरागत तरीके की तरह इन्हें भी रोगियों के शरीर में प्रविष्ट कराया जाएगा। चूंकि कैंसर रोधी औषधि नैनोबैलून में भरा होगा इसलिए ये शरीर के स्वस्थ प्रणाली के साथ प्रतिक्रिया नहीं कर सकेंगे।

प्रयोगशाला परीक्षण में लोवेल्ल ने नैनोबैलून पर लाल लेजर से शरीर के लक्षित क्षेत्र में प्रहार किया। लेजर ने नैनोबैलून को खोला और औषधि बाहर निकली। जैसे ही लेजर बंद हुई नैनोबैलून का मुंह बंद हो गया। इसमें कैंसर का विकास रोकने वाला प्रोटीन और अणु भरा हुआ था।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You