14वीं सदी का इंसानी मल, जिससे अभी भी आ रही है बदबू!

  • 14वीं सदी का इंसानी मल, जिससे अभी भी आ रही है बदबू!
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Saturday, April 05, 2014-11:50 AM

नई दिल्ली: डेनमार्क के एक पुराने शहर ओडेंस में हुई खुदाई में कई चौंका देने वाली बातें सामने आई है। यहां खुदाई के दौरान भू-वैज्ञानिकों को सोना-चांदी व मूर्तियों के अलावा इंसानी मल भी मिला है। लकड़ी के बैरल में इंसानी मल को देखकर वैज्ञानिक काफी हैरान है। लगभग 700 साल पुराने लकड़ी के बैरल में की गई इस खुदाई से पता चला कि उस जमाने में शराब और सोने-चांदी भरकर एक से दूसरे देश में भेजी जाती थी। 

जब वैज्ञानिकों ने लकड़ी के बैरलों को पुरानी शराब समझकर खोला तो उसकी गंध ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया। गहरी खुदाई करने पर पता चला कि कि ये बैरल एक टॉयलेट की तरह गाढ़ी गई थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, 14वीं सदी में एक ऐसा टॉयलेट सिस्टम था जिसे एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा सकता था। फिलहाल, वैज्ञानिक उस इंसानी मल से बदबू आने की वजह के कारणों की जांच कर रहे हैं। 


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