'किसी को ‘संतुष्ट’ करने या ‘किसी से बदला लेने’ के लिए फैसला नहीं लिखते न्यायाधीश'

  • 'किसी को ‘संतुष्ट’ करने या ‘किसी से बदला लेने’ के लिए फैसला नहीं लिखते न्यायाधीश'
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Tuesday, September 12, 2017-12:11 AM

इस्लामाबादः पाकिस्तानी की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी पर कड़ी टिप्पणी की हैे। मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने सोमवार को कहा कि न्यायाधीश किसी को संतुष्ट करने या किसी से बदला लेने के लिए फैसला नहीं लिखते।

निसार की यह टिप्पणी तब आयी है जब अयोग्य ठहराए जाने के बाद प्रधानमंत्री का पद छोडऩे के लिए मजबूर हुए नवाज शरीफ की पुत्री ने अपने पिता को पनामा पेपर मामले में अयोग्य ठहराने के लिए एक दिन पहले ही न्यायपालिका की आलोचना की थी। देश के सर्वोच्च न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से शरीफ को प्रधानमंत्री के तौर अयोग्य ठहराने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। नवाज की पुत्री मरियम नवाज ने कहा था कि न्यायाधीश के शपथ में यह शब्द होने चाहिए कि उनके निर्णय ‘‘गुणदोष पर आधारित और न्यायसंगत’’ होंगे। 

बता दें, सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने 28 जुलाई को संयुक्त जांच दल (जेआईटी) की जांच के बाद नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दे दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार रोधी निकाय को शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज, दोनों बेटों हुसैन और हसन, दामाद मुहम्मद सफदर और वित्त मंत्री इसहाक डार के खिलाफ आठ सितंबर तक चार संदर्भित मामले दर्ज करने के निर्देश दिए थे। 

इसके बाद शरीफ ने अदालत द्वारा प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ 15 अगस्त को सर्वोच्च अदालत के समक्ष समीक्षा याचिका दायर की और पनामा पेपर्स मामले में अंतिम फैसला रद्द करने के लिए अलग से आवेदन दिया। इस आवेदन में शरीफ ने कहा है कि संविधान की धारा 188 के तहत उन्हें बिना सुनवाई के प्रधानमंत्री पद से अयोग्य करार नहीं ठहराया जा सकता।
 

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