19वीं सदी की आखिरी जीवित इंसान की मौत

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Sunday, April 16, 2017-11:32 AM

रोमः दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला और 19वीं सदी की आखिरी जीवित इंसान माने जाने वाली इटली की एम्मा मोरानो का 117 वर्ष की उम्र में आज निधन हो गया।  मीडिया  के अनुसार मोरानो का जन्म 29 नवंबर 1899 को हुआ था। उनका उत्तरी इटली के वर्बानिया में उनके घर में निधन हो गया। वर्बानिया के मेयर के हवाले से कहा  कि, ‘‘उनका एक असाधारण जीवन था और हम जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति के लिए उन्हें हमेशा याद रखेंगे।’’ 

मोरानो की मृत्यु का मतलब है कि 1900 ईस्वी से पहले जन्मा कोई भी व्यक्ति अब जीवित नहीं है। मोरानो अपनी सभी भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं। बाकी सभी लोगों की मौत हो चुकी है। मोरानो ने वर्बानिया के उत्तर शहर स्थित अपने घर में अंतिम सांसें ली। मोरानो अपने दीर्घायु के लिए अपनी अनुवाशिंकी (genetics) और डाइट को जिम्मेदार मानती थी। वह प्रतिदिन तीन अंडे डाइट में लेती थीं, जिनमें से 2 कच्चे होते थे। उनकी मां की उम्र 91 साल थी और उनकी कुछ बहनें भी 100 साल की उम्र तक पहुंची थी। वह 90 साल से ज्यादा समय से डाइट में तीन अंडे ले रही थीं।

उनके डॉक्टर कार्लो बावा ने एएफपी न्यूज एजेंसी को बताया कि वह सब्जियां और फल मुश्किल से ही खा पाती थीं। मोरानो एकांतवासी प्रवृति की महिला थीं। वर्ष 1938 में उनका इकलौता बेटा गुजर गया था, जिसके कुछ ही दिनों के बाद उन्होंने अपने हिंसक पति को छोड़ दिया था। तभी से मोरानो अकेली ही रहती थी। पिछले साल तक वह अकेली रहती थी बाद में उन्हें देखभाल करने वाला पूर्णकालिक सेवक मिल गया। वह पिछले बीस साल से अपने दो कमरे के छोटे से घर में रह रही थीं।  

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