सिर्फ कागजों पर ही समाप्त हुई है बंधुआ मजदूरी: जयराम रमेश

  • सिर्फ कागजों पर ही समाप्त हुई है बंधुआ मजदूरी: जयराम रमेश
You Are HereNational
Thursday, October 17, 2013-2:45 PM

नई दिल्ली: सरकार ने आज स्वीकार किया कि देश में बंधुआ मजदूरी सिर्फ कागजों पर ही समाप्त हुई है जबकि सच्चाई यह है कि यह सामाजिक समस्या व्यापक पैमाने पर मौजूद है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि बंधुआ मजदूरी का उन्मूलन सिर्फ कागजों पर ही हुआ है। आंतरिक स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन के कारण बंधुआ मजदूरी और महिलाओं का देह व्यापार हो रहा है। खासकर ईंट-भट्टा और व उद्योग में अकुशल श्रमिक बंधुआ मजदूरों के रूप में काम कर रहे हैं।

 

हालांकि मनरेगा जैसी योजनाओं की मदद से बेहाली में जीवन गुजारने वालों विस्थापितों की संख्या में कमी आई है। भारत में आतंरिक रूप से विस्थापितों के सामाजिक समावेश पर यूनेस्को ही रिपोर्ट जारी करते हुए रमेश ने विवादास्पद आधार कार्ड की वकालत करते हुए कहा कि विस्थापितों का कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड जरूरी है। उन्हें खाद्य, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए यह कार्ड अहम है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You