एंटनी FGFA परियोजना से जुड़े मुद्दों को रूस के समक्ष उठाएंगे

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Thursday, October 17, 2013-4:26 PM

नई दिल्ली: रूस के साथ पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों (एफजीएफए) की अरबों डॉलर की परियोजना में कार्य में तय अपने हिस्से से भारत संतुष्ट नहीं है। उसके द्वारा इस मुद्दे को अगले महीने रक्षा मंत्री एके एंटनी की मॉस्को यात्रा के दौरान उठाए जाने की उम्मीद है।

भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने यहां कहा कि यद्यपि भारत अरबों डॉलर की लागत वाले कार्यक्रम में 50 प्रतिशत पूंजी लगा रहा है, लेकिन अनुसंधान तथा विकास और कार्यक्रम के अन्य पहलुओं को लेकर इसकी कार्य में हिस्सेदारी वर्तमान में महज 15 प्रतिशत के आसपास है।

उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री द्वारा 15 नवंबर से शुरू हो रही अपनी रूस यात्रा के दौरान यह मुद्दा उठाए जाने की उम्मीद है क्योंकि इससे इस तरह का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान विकसित करने की भारत की स्वदेशी क्षमताओं पर असर पड़ेगा। भारतीय वायु सेना ने भारत में वैमानिकी क्षेत्र को गति देने पर भारतीय उद्योग परिसंघ के एक आयोजन में इस मुद्दे पर आपत्ति जताई थी।


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