नीरज बवानियां ने की थी नीतू की मुखबरी

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Sunday, October 27, 2013-2:36 PM

नई दिल्ली (कुमार गजेन्द्र): दिल्ली पुलिस के स्पैशल ने कई राज्यों में आतंक का पर्याय बन चुके कुख्यात बदमाश सुरेन्द्र मलिक उर्फ नीतू दाबोधा को मारकर जहां राहत की सांस ली है, वहीं इस घटना के बाद बाहरी जिला और हरियाणा में गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। नीतू को मरवाने के पीछे बाहरी जिला के कुख्यात बदमाश नीरज बवानियां का दिमाग बताया जा रहा है। नीरज ने ही नीतू की मुखबरी पुलिस को की थी। इस सूचना के बाद ही पुलिस ने नीतू की फिल्डिंग लगाई थी।

पुलिस सूत्रों की मानें तो नीरज बवानियां, नीतू दाबोधा और संदीप चिटानियां कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे। इन बदमाशों ने कई बड़ी वारदातों को मिलकर अंजाम भी दिया। बाहरी जिला और हरियाणा के कई बड़े बिल्डर और केबल ऑपरेटर इन्हें मोटी रकम दिया करते थे। बताया जाता है कि नीतू का अपराध जगत में लगातार बढ़ रहा था। वह इस कदर शातिर था कि किसी को ठिकाने लगाने की ठान लेने के बाद वह किसी की नही सुनता था।

दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी के मुताबिक 21 मई 2012 को इस गिरोह ने कैर गांव के रहने वाले एक प्रापर्टी डीलर प्रदीप का अपहरण कर लिया था। इस वारदात में नीतू दाबोधा, संदीप चिटानियां, प्रदीप भोला, बकरा आदि बदमाश शामिल थे, लेकिन इस अपहरण की पूरी योजना नीरज बवानियां ने ही बनाई थी। इस वारदात में गिरोह ने मोटी रकम वसूली थी, लेकिन इसका हिस्सा नीरज को नही दिया गया था। इस वारदात में मिली रकम का एक बड़ा हिस्सा लेकर नीतू निकल गया। इस बात को लेकर नीतू दाबोधा और नीरज बवानियां के बीच दुश्मनी की शुरूआत हुई। बताया जा रहा है कि इस वारदात के सभी आरोपी हरियाणा में पकड़े गए थे।

भौंडसी जेल में बंद होने के दौरान नीतू दाबोधा और नीरज बवानियां में झगड़ा और मारपीट हो गई थी, तभी से दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। इससे नाराज होकर पिछले साल दिसम्बर में नीतू दाबोधा अपने साथियों के साथ नीरज बवानियां के राइटहैंड कहे जाने वाले विजय को उठाकर ले गया था। बाद में नीतू ने विजय की हत्या कर उसकी लाश को करनाल ले जाकर जला दिया था। इसके बाद से नीरज को लगने लगा था कि नीतू मौका लगते ही उसे भी ठिकाने लगा देगा।

पिछले साल बाहरी जिला के स्पेशल स्टाफ में तैनात इंस्पैक्टर पूरन पंत की टीम ने नीरज बवानियां को गिरफ्तार कर लिया था। नीरज तभी से रोहिणी जेल में बंद है। यहीं से उसने नीतू के बारे में पुख्ता सूचना स्पैशल सैल की टीम को दी थी। पुलिस की मानें तो नीतू दाबोधा के मारे जाने के बाद एक तो बाहरी दिल्ली के पूरे बैल्ट और हरियाणा में नीरज बवानियां की बादशाहत हो जाएगी, दूसरे अब नीरज को जान का खतरा भी नहीं रहेगा। 


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