दुष्कर्म पीड़िता बयान से मुकरी, योग शिक्षक बरी

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Saturday, November 02, 2013-1:10 PM

नई दिल्ली : योग शिक्षक पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली एक 75 वर्षीय युवती अपने बयान से मुकर गई। झूठा मामला दर्ज कराने वाली युवती से जब कोर्ट में उससे पूछा गया तो उसने बताया कि आरोपी ने न ही उससे दुष्कर्म किया और न ही शादी का वादा किया था। एक अन्य महिला के कहने पर उसने झूठा मामला दर्ज कराया था।

 तीसहजारी कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निवेदिता अनिल शमाज़् ने पश्चिमी दिल्ली निवासी आरोपी वरिष्ठ नागरिक को बरी कर दिया। पीड़िता ने रीना के कहने पर मामला दर्ज कराया था। पुलिस को रीना के बारे में कुछ पता नहीं है। इस पर अदालत ने कहा कि पीड़िता का बयान विश्वसनीय नहीं है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, युवती व उसके पिता को शिक्षक के बारे में रिश्तेदार से पता चला था। फरवरी 2011 में वह उसके घर गए और 15 दिन रहकर योग की शिक्षा ली। इसके बाद जुलाई, अगस्त व सितंबर 2011 में भी शिक्षक के घर गए। इस दौरान शिक्षक ने युवती से शादी की इच्छा जताई, जिसे उसके पिता ने स्वीकार कर लिया। बाद में उनके बीच अनबन शुरू हो गई। बाद में युवती ने बताया कि शिक्षक फरवरी 2011 से ही उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था।

कोर्ट में युवती ने बताया कि उसे शिक्षक के घर के पास रीना नाम की महिला मिली थी। उसने बताया कि वह पहले ही उससे शादी कर चुका है। इसी वजह से उसने मुकदमा दर्ज कराया था।


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