सेना का दावा केरन में घुसपैठ, सरकार ने किया इंकार

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Thursday, November 14, 2013-9:44 AM

नई दिल्ली: केरन सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ के दौरान वहां घटित घटनाओं पर उठे प्रश्नों के बीच सरकार ने सेना के दावे को नकारते हुए कहा है कि घुसपैठ के प्रयास का कोई साक्ष्य नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि हाल में यहां हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान महसूस किया गया कि ‘रिसेप्शन एरिया’ में आतंकवादियों को घेरने के लिए सेना को उसकी किलेबंदी करनी चाहिए।

सरकार का मानना है कि नियंत्रण रेखा से चार-पांच किलोमीटर तक भारतीय क्षेत्र में सेना उन आतंकवादियों को पकड़ सकती है जो घुसपैठ विरोधी अभियान से बच निकलते हैं। ‘रिसेप्शन एरिया’ सामान्यत: नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित होता है जिसका गठन सेना उन सभी आतंकवादियों को निष्क्रिय करने में करती है जो सीमा पर बच निकलने में सफल रहते हैं। सूत्रों ने कहा कि बैठक में जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बीच में बंटे शालभट्टू गांव में पाकिस्तान के विशेष बलों की तरफ से घुसपैठ के प्रयास को सरकार ने संदिग्ध माना क्योंकि किसी अन्य एजेंसी के पास इसके साक्ष्य मौजूद नहीं थे।

शालभट्टू गांव 1990 के दशक में घुसपैठ के लिए सबसे ज्यादा प्रयुक्त मार्गों में से एक था।सूत्रों ने कहा कि बैठक में सेना के एक प्रतिनिधि ने भी शिरकत की थी और इसमें तकनीक खुफिया को भी ध्यान में रखा गया जो सेना के किसी भी दावे से मेल नहीं खाता था। केरन अभियान पर सेना सभी संदेहों को खारिज कर चुकी है और कहा कि नियंत्रण रेखा पर सेना का दबदबा है और हर समय वे अपनी चौकियों के संपर्क में रहते हैं। अगस्त के अंतिम हफ्ते में शुरू हुआ केरन अभियान करीब दो सप्ताह के बाद खत्म हुआ था।


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