बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं नक्सली

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Friday, November 29, 2013-3:02 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगभग शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव के बाद नक्सली अब बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। राज्य में बड़ी संख्या में नक्सली गतिविधि की सूचना के बाद पुलिस को सतर्क कर दिया गया है।

राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आज यहां एक न्यूज एजेंसी को बताया कि पुलिस को सूचना मिली है कि राज्य के लगभग शांतिपूर्ण मतदान से बौखलाए नक्सली अब किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। मंगलवार को नक्सली हमले में सीआरपीएफ के चार जवानों की हत्या इस घटना का हिस्सा है।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस जवानों को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सतर्क कर दिया गया है तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के पुलिस अधीक्षकों तथा अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को सूचना दी गई है कि नक्सली क्षेत्र में जारी शहीदी सप्ताह के दौरान बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हंै।

क्षेत्र में नक्सली, माओवादी नेता किसनजी की याद में शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। 24 नवंबर वर्ष 2011 को पश्चिम बंगाल में राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सयुंक्त दल ने मुठभेड़ में किशनजी को मार गिराया था।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस अधिकरियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अगले महीने से होने वाले पीएलजीए सप्ताह के दौरान भी नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। नक्सली दिसंबर महीने की दो तारीख से आठ तारीख तक पीएलजीए सप्ताह मनाने वाले हैं। इस दौरान वे अपने साथियों को याद करते हैं।

राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बड़े नक्सली नेताओं की उपस्थिति की सूचना है वहीं राज्य के बस्तर क्षेत्र में मतदान में हिस्सा लेने वाले नागरिकों को भी प्रताडि़त करने की सूचना है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगातार नक्सली गतिविधि की सूचना है तथा वे छोटे-छोटे दलों में बंटकर घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में हंै। बीते मंगलवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की रोड ओपनिंग पार्टी पर छोटे नक्सली दल ने हमला किया था। इस घटना में सीआरपीएफ के चार जवान शहीद हो गए थे तथा नक्सलियों ने पुलिस दल से हथियार भी लूट लिए थे। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद से पुलिस दल को ज्यादा सतर्क कर दिया गया है तथा नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर और राजनांदगांव जिले के 18 विधानसभा क्षेत्रों में इस महीने की 11 तारीख को पहले चरण का मतदान कराया गया था। मतदान के दौरान नक्सलियों ने सीआरपीएफ के एक जवान की हत्या कर दी थी जबकि दूसरे दिन नक्सलियों ने सीमा सुरक्षा बल के वाहन को उड़ा दिया था। इस हमले में चार जवान शहीद हो गए थे। राज्य में दो चरणोंं में हुए चुनाव मेंं यहां के 77 फीसदी  मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।


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