पाटन गैंगरेप मामला: गुजरात उच्च न्यायालय ने सजा रखी बरकरार

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Sunday, December 01, 2013-10:52 AM

अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय ने सनसनीखेज पाटन सामूहिक बलात्कार मामले में पांच अध्यापकों को उम्रकैद के त्वरित अदालत के फैसले को आज बरकरार रखा न्यायमूर्ति अकील कुरेशी और जेड के सैयद की खंडपीठ ने अध्यापकों, मनीष परमार, किरण पटेल, अश्विन परमानर, महेन्द्र प्रजापति और सुरेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा लेकिन छठे अध्यापक अतुल पटेल को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को कम करके दस साल कर दिया।

 

आरोपियों द्वारा दाखिल याचिकाओं पर न्यायालय ने यह आदेश दिया। पाटन पीटीसी के इन अध्यापकों पर 2008 में 19 साल की एक दलित छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार का आरोप था। त्वरित अदालत के न्यायाधीश एस सी श्रीवास्तव ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और 376 2 जी के तहत दोषी पाए जाने पर छह मार्च 2009 में उन्हें उम्रकैद और छात्रा को मुआवजे के तौर पर दस-दस हजार रुपए देने की सजा सुनाई लेकिन उन्होंने अत्याचार अधिनियम के अन्तर्गत लगाए गए सभी आरोपों से उन्हें बरी कर दिया था।

 

मेहसाणा जिले के जेलालवसना गांव के एक मजदूर की बेटी के साथ पाटन डायट पीटीसी कालेज के उसके छह अध्यापकों ने सितम्बर 2007 से जनवरी 2009 के बीच कई बार सामूहिक बलात्कार किया था।


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