एनआईए के आरोप पत्र पर अदालत ने लिया संज्ञान

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Tuesday, December 03, 2013-6:14 PM

नई दिल्ली : भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से करीब 80 करोड़ रुपये को लेकर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अन्य के खिलाफ एनआईए के आरोप पत्र पर दिल्ली की एक अदालत ने संज्ञान लिया है।

जिला न्यायाधीश आई.एस.मेहता ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लिया है। जिसमें से आठ पाकिस्तान के रहने वाले हैं जिनहें अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 121 ए के अलावे विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है।

अदालत ने अब मामले की आगे की सुनवाई के लिए 7 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने 62 पृष्ठों के आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन पड़ोसी देश से नियमित तौर पर धन प्राप्त कर रहा था और ये धन सक्रिय आतंकवादियों, जम्मू कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों के परिजनों को दिए गए।
 
एनआईए ने कहा कि जम्मू कश्मीर अफेक्टीज रिलीफ ट्रस्ट की आड़ में आतंकी संगठन भारत में आतंकवादी गतिविधियों को और अधिक बढ़ाने में सक्रिय हंै। 10 आरोपियों में मोहम्मद शफी शाह और तालिब लाली, दोनों ही जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं। उन्हें एनआईए ने गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। 

एनआईए ने आरोपपत्र में कहा है कि जेकेएआरटी का मुख्यालय पाकिस्तान के रावलपिंडी में हैं और इसका शाखा कार्यालय इस्लामाबाद और मुजफ्फराबाद में हैं।


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