दिल्ली गैंगरेप में नया मोड़: दो आरोपियों का दावा, छह लोगों में नहीं थे शामिल

  • दिल्ली गैंगरेप में नया मोड़: दो आरोपियों का दावा, छह लोगों में नहीं थे शामिल
You Are HereNational
Friday, December 06, 2013-9:39 AM

नई दिल्ली: राजधानी में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय में दावा किया कि वे उन छह लोगों में नहीं थे जिन्होंने इस बर्बर अपराध को अंजाम दिया था। इस मामले में सुनवाई अदालत ने चार अभियुक्तों को मौत की सजा सुनाई है। यह दावा करने वाले दोनों अभियुक्त भी उन चारों अभियुक्तों में शामिल हैं।

 

अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा की ओर से पेश वकील ए.पी. सिंह ने न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की पीठ के समक्ष यह दावा किया। यह पीठ मामले में सुनवाई अदालत के फैसले के खिलाफ अभियुक्तों की अपील पर सुनवाई कर रही है। वकील ने कहा कि मौजूदा दो अभियुक्तों (अक्षय और विनय) के बारे में प्राथमिकी में कोई ब्यौरा नहीं दिया गया है। अभियोजन के अनुसार कथित बस में छह लोग थे जब छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ।

 

उन्होंने कहा कि डा. रश्मि आहूजा ने पीड़ित का सफदरजंग अस्पताल में इलाज किया था और वह इस मामले में गवाह भी हैं। आहूजा ने मेडिकल रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित के साथ दो बार दुष्कर्म किया गया या सिर्फ दो लोगों द्वारा दुष्कर्म किया गया। सिंह ने कहा कि पीड़ित ने भी बस में हमलावरों की संख्या के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की और पुलिस ने जानबूझकर इन लोगों का नाम बाद में शामिल किया है। अक्षय और विनय के वकील ने अदालत से यह भी कहा कि लड़की की भारत में मौत हुई और डाक्टरों ने पीड़ित का उचित इलाज नहीं किया जबकि वे आसानी से ऐसा कर सकते थे।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You