दिल्ली गैंगरेप: दोषियों का दावा, सबूतों के बगैर हुई थी गिरफ्तारी

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Thursday, December 12, 2013-10:20 AM

नई दिल्ली: पिछले साल 16 दिसंबर को हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में दोषी करार दिए गए चार युवकों में से दो ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि पुलिस ने बिना उचित प्रक्रिया के ही उन्हें गिरफ्तार किया था। दोषी ठहराए गए मुकेश और पवन कुमार गुप्ता के वकील एम एल शर्मा ने न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की पीठ के समक्ष आरोप लगाया कि बिना किसी सबूत के दिल्ली पुलिस ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया था।

 

शर्मा ने दावा किया कि मुकेश के भाई और मुख्य आरोपी राम सिंह को घटना के एक दिन बाद राजस्थान के एक गांव से गिरफ्तार किया गया था पर पुलिस ने दिखाया कि उसकी गिरफ्तारी 18 दिसंबर को हुई। बचाव पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किलों को पुलिस ने प्रताडि़त किया और उन्हें नि:शुल्क कानूनी सहायता मुहैया नहीं करायी गई।

 

उच्चतम न्यायालय के कुछ फैसलों का हवाला देते हुए वकील ने पीठ के समक्ष कहा कि यहां तक कि उस मजिस्ट्रेट ने भी आरोपियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता देने पर ध्यान नहीं दिया जिसके सामने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को पेश किया गया था। मामले के गुण-दोष पर अपनी बहस शुरू करते हुए बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस द्वारा दायर आरोप-पत्र का हवाला दिया और कहा कि मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। शर्मा की बहस कल भी जारी रहेगी।


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