हम अपनी शर्तों पर ही किसी पार्टी का समर्थन लेंगे: केजरीवाल

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Saturday, December 14, 2013-2:42 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा है कि वह कांग्रेस या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से बिना शर्त समर्थन नहीं लेगी और दोनों पार्टियां उसको मुद्दों के आधार पर सहयोग देंगी तो वह जनता से विचार-विमर्श कर सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस बिना शर्त समर्थन देने को राजी हो, लेकिन हमारी शर्तें हैं। हम अपनी शर्तों पर ही किसी पार्टी का समर्थन लेंगे। दिल्ली में सरकार बनेगी तो मुद्दों के ऊपर बनेगी।

उपराज्यपाल नजीब जंग के न्योते पर आज अपने साथियों कुमार विश्वास,मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ राजनिवास में उनसे मुलाकात के बाद आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर अपने मुद्दों के बारे में उनकी राय जाननी चाही है।

उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों की तरफ से जवाब मिल जाने के बाद वह उसे जनता के दरबार में ले जायेंगे और पूरी दिल्ली में दो-ढाई सौ से अधिक सभाएं करके इन पर जनता की राय लेंगे और उसके बाद ही सरकार बनाने पर कोई फैसला लिया जायेगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता जो कहेगी, वही होगा। दिल्ली में वह मुद्दों के आधार पर सरकार बनाने के लिए तैयार है। पार्टी सत्ता के लिए सरकार नहीं बनायेगी।

दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रवक्ता, भक्तचरण दास का कहना है कि आप की शर्तें गैरजरूरी हैं। हम आप को नहीं संसदीय प्रणाली को समर्थन दे रहे हैं।  आप की विचारधारा को सही या गलत नहीं कह सकते। कांग्रेस दोबारा चुनाव का बोझ जनता के ऊपर से हटाना चाहती है।  

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और कांग्रेस को चिट्ठी लिखकर इन 18 मुददों पर उनकी सहमति जाननी चाही है:-

* दिल्ली से वीआईपी कल्चर बंद हो।
* भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त जनलोकपाल बिल पास होना चाहिए।
* दिल्ली में स्वराज स्थापित हो, अपने अपने मोहल्ले, कालोनी और गलियों के बारे में फैसला लेने के अधिकार सीधे जनता को दिए जाएं।
* दिल्ली को भारतीय संघ के अन्य राज्यों के समान दर्जा मिले।
* बिजली कंपनियों का जबसे निजीकरण हुआ है तब से लेकर आजतक का स्पेशल आडिट हो।
* कई लोगों को शक है कि बिजली के मीटर तेज चल रहे हैं। इन मीटरों की किसी निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जांच हो। दिल्ली में बिजली के दाम 50 फीसदी तक कम हो।
* दिल्ली में पानी की व्यवस्था हो।  दिल्ली के हर परिवार को 700 लीटर पानी मुफ्त दिया जाए।
* दिल्ली की सभी अनियमित कालोनियों को एक साल के भीतर नियमित करके उनमें तुरंत सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।
* दिल्ली की झुग्गी बस्तियों को तुरंत सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।
* नियमित कार्यों में ठेकेदारी प्रथा बंद करके सभी लोगों को नियमित किया जाए।
* व्यापार और उद्योग के लिए ईमानदार व्यवस्था हो।
* किराना में एफ डीआई न लाई जाए।
* दिल्ली के किसानों को वो सभी सुविधाएं और सब्सिडी दी जाए जो दूसरे राज्यों के किसानों को मिलती हैं।
* सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर हो।
* दिल्ली में सरकारी अस्पताल खोले जाएं और यहां सुविधाएं प्राइवेट अस्पतालों से भी बेहतर हों।
* महिलाओं के सुरक्षा के लिए स्पेशल सुरक्षा दल बनाया जाए।
* नई अदालतें खोली जाएं, नए जों की नियुक्ति की जाए ताकि कोई भी मामला छह माह से एक साल के भीतर निपया जा सके। न्याय व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं।
* कई मुद्दों को क्रियान्वित करने के लिए दिल्ली नगर निगम के सहयोग की जरूरत पड़ेगी। क्या भाजपा सहयोग करेगी क्योंकि दिल्ली नगर निगम पर भाजपा का राज है।


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