उमर बोले, उन्हें कम कपड़ों में साइबेरिया भेज दो फिर देखो सुर बदल जाएंगे

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Friday, December 27, 2013-2:07 PM

श्रीनगर:  मुजफ्फरनगर के राहत कैंपों में बच्चों की हुई मौत पर गृह सचिव ए के गुप्ता ने गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि ठंड से कोई नहीं मरता, ठंड से मौत होती तो सबसे ज्यादा मौत साइबेरिया में होती। एके गुप्ता के इस बेशर्म बयान के लिए उनकी चहुतरफा निंदा हो रही है। एके गुप्ता के इस बयान की आंच जम्मू-कश्मीर तक पहुंच गई।  जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज उत्तर प्रदेश के प्रधान सचिव (गृह) ए के गुप्ता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस अधिकारी को बेहद कम कपड़ों में ठंडी जगह पर भेज देना चाहिए।

 

कल ए.के गुप्ता ने मुजफ्फरनगर राहत शिविर में हो रही मौत पर कहा था, ‘ठंड से किसी की मौत नहीं हुई’। उमर ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर गुप्ता का नाम लिए बिना कहा, ‘‘कोई ठंड से नहीं मर सकता। उन्हें भी बेहद कम कपड़ों में भेज देना चाहिए, तब यह देखने वाली बात होगी कि वे जल्द ही दूसरा राग छेड़ते हैं या नहीं।’’ राहत शिविरों में मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के मरने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कल अधिकारी ने इसका बचाव करते हुए कहा था कि किसी की भी ठंड से मौत नहीं हुई।

 

गुप्ता ने कहा, ‘‘बच्चों की निमोनिया से मौत हुई न कि ठंड से। किसी की भी ठंड से मौत नहीं हुई। यदि लोग ठंड से ही मरते तो कोई भी साइबेरिया में जीवित नहीं बचता।’’ एक उच्च स्तरीय अधिकारियों के पैनल ने कहा था कि मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के लिए बने राहत शिविरों में 4,783 विस्थापित लोग अभी भी रह रहे हैं जबकि 12 वर्ष से कम उम्र के कम से कम 34 बच्चों की मौत हो चुकी है।


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