ई चालान सिस्टम ने ट्रैफिक पुलिस को बनाया हाईटैक

  • ई चालान सिस्टम ने ट्रैफिक पुलिस को बनाया हाईटैक
You Are HereNational
Saturday, January 04, 2014-3:34 PM

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की जमकर तारीफ की। ई चालान ने जहां ट्रैफिक पुलिस को हाईटेक बनाया है। वहीं उन्होंने कहा कि ट्रैफिक के नियमों का उलंघन करने वालों वालों की अब खैर नहीं है। ई-चालान के जरिए अब दिल्ली में हुए सभी चालानों का ऑन लाइन रिकॉर्ड रहेगा।

इतना ही नहीं दिल्ली में पंजिकृत वाहनों व डीएल का भी रिकॉर्ड रहेगा। चालान करते वक्त स्पॉट पर ही वाहन और चालक का पिछला पूरा रिकॉर्ड अधिकारी के सामने होगा। इससे पता चल जाएगा कि पकड़ा गया व्यक्ति पहले भी कितनी बार डिफॉल्टर रहा है। कुछ समय पहले तक सड़कों पर खड़े ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के हाथों में कमल व चालान बुक नजर आते थे।

लेकिन अब ट्रैफिक पुलिसकमिर्यों के हाथों में जीपीएस व  जीपीआरएस से युक्त हाईटेक डिवाइस नजर आएंगे। ई-चालान सिस्टम को पायलट प्रोजेक्टर के तौर पर चलाया गया है। इसकी अच्छाईयों व खामियों को बारीकी से परखने के बाद ही इसे लागू किया गया। अब इसके सफल परिणाम भी सामने आने लगे हैं। बीएस बस्सी ने बताया कि ई-चालान सिस्टम पूरी तरह से एक सर्वर से कनेक्ट है। जब भी सड़क पर किसी का चालान होता है तो उसका पिछला सारा रिकॉर्ड सामने आ जाता है।

दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस समय के साथ आगे बढ़ती रही है और हाईटेक टैक्रलोजी का इस्तेमाल करते हुए काफी इंटेलिजेंट बन चुकी है। इसी का नतीजा भी है कि पिछले सालों के मुकाबले दिल्ली की सड़कों पर सड़क हादसों में जान गंवानों वालों की संख्या में काफी कमी आई है। दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम को और भी बेहतर बनाने के लिए दिल्ली के सभी जिलों में ई-चालान सिस्टम लागू किया जा चुका है। जिसके सफल परिणाम सामने भी आ रहे हैं।

पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने बताया कि दिल्ली की ट्रैफिक समस्या सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने इस पर नए-नए प्रयोग कर इसे काफी हद तक काबू पाया है। सबसे बड़ी बात कि दिल्ली में होने वाले सड़क हादसों में काफी कमी आई है। पुलिस आयुक्त के अनुसार वर्ष 2013 में दिल्ली की सड़कों पर कुल 1693 बड़े सड़क हादसे हुए थे। जिनमें 1725 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

वर्ष 2012 में 1756  सड़क हादसो में 1801 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। वहीं वर्ष 2011 में सबसे ज्यादा 2262 सड़क हादसो में 2325 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि वर्ष 2014 में और भी प्रयोग किए जाएंगे ताकि दिल्ली का ट्रैफिक और भी सुगम हो और हादसो में कमी आ सके।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You