अब मंत्री भी वसुंधरा राजे की तरह सादगी की राह पर

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Thursday, January 09, 2014-11:01 AM

जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पहल पर अब सभी मंत्री सादगी का परिचय देते हुए काम करेगें। राजे मंत्रिमंडल के सदस्य अब अपने काफिले में पुलिस एस्कोर्ट और दो से अधिक वाहन नहीं रखेगें। सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन पांच सितारा होटलों में नहीं करेगें। सरकारी कार्यक्रमों में किसी भी सामूहिक भोज का आर्थिक बोझ सरकार पर नहीं डालेगें। अभिनंदन और सामूहिक गोष्ठी जैसे कार्यक्रमों में कम से कम खर्चा करेगें।

मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों ने कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक सम्मेलन के दौरान आज मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र पर हस्ताक्षर कर अपने इस निर्णय से अवगत कराया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जन सामान्य के अंदाज में सादगी का परिचय देते हुए अपना पद संभालने के साथ ही यातायात सिग्नल पर रुकने, अपना काफिला कम करने, सरकारी विमान के स्थान पर नियमित विमान सेवा से यात्रा करने, अपनी सुरक्षा आधी करने, सरकारी वाहन के स्थान पर अपना निजी वाहन उपयोग करने और मुख्यमंत्री आवास के स्थान पर छोटे सरकारी आवास में रहने जैसे निर्णय ले चुकी है।

मुख्यमंत्री से प्रेरणा लेकर सभी मंत्रियों ने भी अब सरकारी खर्चे में कटौती करने का यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जिला स्तर पर स्थानीय विधायकों के साथ मिलकर जल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के उचित समाधान निकालें। इसमें पेयजल एवं बिजली आपूॢत की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी इस बात का ध्यान रखे कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अच्छी क्वालिटी का खाद्यान्न वितरित हो।

उन्होंने कहा कि चारागाह भूमि पर बगीचे विकसित किए जाए ताकि उससे होने वाली आमदनी का लाभ ग्राम पंचायतों को मिल सके और चारागाह भूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिला कलेक्टर अपने-अपने क्षेत्रों में हवाई पट्टियों की स्थिति की जानकारी लें तथा सरकार को अवगत कराएं। जिन जिलों में हवाई पट्टियां नहीं है इसकी जानकारी सरकार को दें ताकि वहां हवाई पट्टियां विकसित की जा सके, क्योंकि हवाई पट्टियों के विकसित होने से पर्यटन को बढावा मिलेगा। बैठक में मुख्य सचिव राजीव महॢष ने अधिकारियों से कहा कि वे दो गाडियां नहीं रखें और अपने निजी कार्यो में सरकारी वाहन का इस्तेमाल न करें।

अधिकारी अपने सरकारी आवास पर सरकारी चौकीदार नहीं रखें। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों से कहा कि बेसहारा बच्चों को चिन्हित कर उनकी शिक्षा और पालन पोषण की व्यवस्था करें जो है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्यों, जिला कलेक्टरों द्वारा रचनात्मक सुझाव देने पर धन्यवाद दिया।


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