PM पद के उम्मीदवार पर दिग्विजय हैं सावधानी के पक्ष में

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Friday, January 10, 2014-5:18 PM

नई दिल्ली: राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए कांग्रेस में मचे कोलाहल के बीच पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह ने आज सावधानी बरतने की वकालत की है। उनका कहना है कि संसदीय व्यवस्था में संसद और विधानसभाओं के चयनित सदस्य अपना नेता चुनते हैं।

सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मैं लगातार कहता रहा हूं कि हम एक संसदीय लोकतंत्र में हैं और यहां मुख्य व्यक्तियों के बीच मुकाबला नहीं है। यहां मुकाबला दलों की नीतियों, विचारधाराओं और कार्यक्रमों के बीच है।’’ उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत, जो पार्टी भी बहुमत के साथ आती है, उसके नेता का चयन अंतत: संसद और विधानसभाओं में उसके चयनित सदस्यों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘और तब वह प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बनता है। यह पुरान समय से चली आ रही प्रथा है।

हालांकि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 8 दिसंबर को यह संकेत दिया था कि यदि कांग्रेस पार्टी (प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार) घोषित करना चाहती है, तो ठीक है।’’ सिंह ने यह भी कहा कि संसदीय लोकतंत्र में एक प्रधानमंत्री होता है और एक ‘छाया’ प्रधानमंत्री होता है। उन्होंने कहा, ‘‘छाया प्रधानमंत्री निश्चित तौर पर विपक्षी नेता के रूप में सुषमा स्वराज हैं।’’  ‘राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी , मोदी बनाम अरविंद केजरीवाल और राहुल मनाम मोदी बनाम केजरीवाल की बहस’ को दिग्विजय ने महज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की टीआरपी रेटिंग से जुड़ा बताकर खारिज कर दिया। 

सिंह ने कल कहा कि संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार पहले से घोषित नहीं किया जाता क्योंकि ‘‘यह चयनित सांसदों और विधायकों का अपना नेता खुद चुनने का अधिकार छीन लेता है।’’  अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुख्यालय में पिछले माह मीडिया को संबोधित करते हुए सोनिया ने प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार से जुड़े सवाल के जवाब में कहा था कि यह फैसला ‘सही समय’ पर ले लिया जाएगा।  जब उनसे पूछा गया कि क्या राहुल को

प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में उतारा जाएगा तो उन्होंने कहा था, ‘‘इस बारे में हमने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।’’  सोनिया की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को पहले ही घोषित कर दिए जाने के संदेश ने कई नेताओं को हैरत में डाल दिया क्योंकि पार्टी के नेता पहले हमेशा यही कहते आए हैं कि कांग्रेस कभी भी प्रधानमंत्री पद या मुख्यमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार का नाम पहले घोषित नहीं करती।
 


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