‘लड़की की जासूसी मामले में अगर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो अदालत जाऊंगा’

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Sunday, January 12, 2014-11:03 AM

अहमदाबाद: निलंबित आईपीएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने दोहराया कि अगर गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अन्य के खिलाफ लड़की की जासूसी मामले में उनकी शिकायत को प्राथमिकी में नहीं बदला गया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। शर्मा ने कहा, ‘‘इससे पहले, उन्होंने (मोदी का बचाव करने वालों ने) कहा था कि मैं महिला को परेशान कर रहा हूं। अब, जब मैं शिकायत दर्ज कराने गया हूं तो वह इस तरह की उलटे सीधे आरोप लगा रहे हैं कि भ्रष्टाचार की जांच के लिए मेरा फोन टैप किया गया है।’’ इस बीच, इस तरह की अपुष्ट रिपोर्ट हैं कि सरकार ने न्यायमूर्ति (अवकाशप्राप्त) एस. भट आयोग के समक्ष हलफनामा दाखिल किया है।

 

जब गुजरात के वित्त मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता नितिन पटेल से सरकार की ओर से इस तरह के हलफनामे दाखिल करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘मुझे शत-प्रतिशत यकीन है कि अब तक उन्होंने इस संबंध में कागजी कार्रवाई पूरी कर ली होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह मेरे भ्रष्टाचार के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, तब क्यों (जारी किए गए) टेप दिखाता है कि कथित महिला और उसके परिवार की जासूसी हुई।’’

 

शर्मा ने कहा, ‘‘सरकार को यह एलान करना चाहिए कि जब से राज्य का गठन हुआ है कि कितने अधिकारियों को भ्रष्टाचार के लिए निगरानी में डाला गया है।’’ उन्होंने कहा कि अगर गुजरात पुलिस ने मोदी, अमित शाह और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उल्लेखनीय है कि दो खोजी समाचार पोर्टल कोबरापोस्ट डॉट कॉम और गुलैल डॉट कॉम ने 15 नवंबर को दावा किया गुजरात सरकार के तत्कालीन गृहराज्य मंत्री अमित शाह ने किसी ‘‘साहब’’ के कहने पर एक महिला की अवैध जासूसी के आदेश दिए थे।

 

शर्मा पिछले सोमवार को मोदी, अमित शाह और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने पुलिस के पास गए थे। पुलिस ने कहा था कि वे उनके आवेदन का अध्ययन करेगी और उसके बारे में फैसला करेगी।


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