बी-स्कूलों में दाखिला महंगा, कैट अव्वल

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Tuesday, January 14, 2014-4:41 PM

इंदौर: बिजनेस स्कूलों में दाखिला चाहने वाले छात्रों का मानना है कि मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम) जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया बेहद जटिल और खर्चीली है। यह राय एक सर्वेक्षण में सामने आई है। इन्ही छात्रों ने कंबाइंड एडमिशन टेस्ट (कैट) को 10 प्रवेश परीक्षाओं में सबसे लोकप्रिय बताया और कहा कि प्लेसमेंट रिकार्ड के आधार पर वे पसंदीदा बी-स्कूलों का चुनाव करते हैं।

कैट के परिणाम मंगलवार को घोषित हुए हैं।

एमबीएयूनीवर्स डॉट कॉम द्वारा कैट के 445 अभ्यर्थियों के बीच नवंबर में किए गए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में 60 फीसदी अभ्यर्थियों ने कहा कि एमबीए के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षाओं की संख्या जरूरत से ज्यादा है और 75 फीसदी ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा की निगरानी के लिए एक नियामक होना चाहिए। प्रवेशार्थियों ने आम तौर पर कहा कि संस्थानों का शिक्षा शुल्क घटाया जाना चाहिए, प्लेसमेंट रिकार्ड को सार्वजनिक किया जाए और कैट में अंक हासिल करने की पद्धति सरल होनी चाहिए।

 

एक तिहाई प्रवेशार्थियों ने कहा कि बी-स्कूलों के आवेदन पत्र का शुल्क 500 रुपये से कम होना चाहिए। एमबीएयूनीवर्स डॉट कॉम के अध्यक्ष अमित अग्रिहोत्री ने कहा, ‘‘एमबीएयूनीवर्स डॉट कॉम के पहले सर्वेक्षण से महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलती हैं, जिससे बी-स्कूल और नीति निर्माताओं को महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने में मदद मिलेगी। अन्यथा कई बी-स्कूल बंद हो सकते हैं।’’ सर्वेक्षण में 66 फीसदी ने समूह चर्चा की जगह लिखित योग्यता परीक्षा अपनाने और 70 फीसदी ने गैर-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले छात्रों को अधिक तरजीह दिए जाने की सलाह दी।

 

प्रवेशार्थियों ने सलाह दी कि कैट परिणाम को स्वीकार करने वाले 140 बी-स्कूलों को जनवरी में कैट का परिणाम आ जाने के बाद दाखिले का आवेदन स्वीकार करना चाहिए। अभी एमडीआई और एसपी जैन जैसे कई बी-स्कूल कैट के परिणाम आने से काफी पहले दिसंबर में ही आवेदन प्रक्रिया बंद कर देते हैं, जिससे प्रवेशार्थियों का खर्च काफी बढ़ जाता है। सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले आधे से अधिक एमबीए प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में 10 हजार रुपये से अधिक खर्च कर डालते हैं।

 

सर्वेक्षण में शामिल प्रवेशार्थियों में से 94 फीसदी ने कैट को प्रथम पसंद और 66.7 फीसदी ने जैट को दूसरी पसंद बताया। बी-स्कूल में दाखिले के लिए हर साल 10 प्रवेश परीक्षाएं आयोजित होती हैं। 45.8 फीसदी और 44.4 फीसदी ने एनमैट और एसएनएपी को क्रमश: तीसरी और चौथी पसंद बताया। आईआईएफटी पांचवीं पसंद रही। एआईसीटीई द्वारा 2011 में शुरू की गई एमबीए दाखिले की एक मात्र परीक्षा सीएमएटी और एआईएमए मैट को सबसे कम क्रमश: 30.6 फीसदी और 16.7 फीसदी पसंद मिली।


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