बड़ा पेड़ गिरने से धरती हिलने का जुमला क्यों भूल गए राहुल: मीनाक्षी लेखी

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Wednesday, January 29, 2014-2:37 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात और 1984 के सिख विरोधी दंगों की तुलना करने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमले तेज करते हुए आज पूछा कि राहुल तत्कालीन प्रधानमंत्री और अपने दिवंगत पिता का यह जुमला कैसे भूल गए कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती ही है।

भाजपा की प्रवक्ता और फायरब्रांड नेता मीनाक्षी लेखी ने दोनों दंगों की तुलना करने पर राहुल को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि 1984 के दंगों को अगुआई करने वाले कितने कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ अभी तक कार्रवाई की गई है। इन दंगों की जांच के लिए गुजरात की तरह कौन सा विशेष जांच दल गठित किया गया। कितने सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाया गया।

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि 1984 के दंगों के लिए कांग्रेस यह दावा करती है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सिखों से माफी मांग चुके हैं, लेकिन असली सवाल इंसाफ का है। भाजपा की प्रवक्ता ने कहा, ‘‘माफी मांगने से इंसाफ नहीं दिलाया जा सकता। माफी मांगने की बात कहना न्याय की मांग को गुमराह करना है।’’

उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि कांग्रेस को 1984 के पहले और उसके बाद के दंगों की भी याद करनी चाहिए जो उसके शासन में हुए। उन्होंने कहा कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद से तो इस देश में पांच हजार और भी दंगे हो चुके हैं। उनके बारे में कितनों को न्याय मिला।

उन्होंने कहा कि गुजरात में दंगों के लिए लोगों को सजा दी गई है और पीड़ितों के लिए छह हजार करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। असम के दंगों को जिक्र करते हुए कांग्रेस ने असम के दंगा पीड़ितों के लिए तीन अरब रुपये की राशि घोषित की थी और उसमें से भी एक अरब रुपये खर्च नहीं किए गए।


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