कांग्रेस ने एक साजिश के तहत पनपायी है आम आदमी पार्टी: बीजेपी

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Friday, January 31, 2014-2:50 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने एक साजिश के तहत आम आदमी पार्टी को पनपाया है लेकिन इसका लाभ भी भाजपा को ही मिलेगा। पार्टी ने अपनी बात की पुष्टि के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक पत्र का हवाला दिया है, जिसमें कथित रूप से श्रीमती गांधी ने 2005 में सरकार को एक चिट्ठी लिखकर कहा था कि अरविंद केजरीवाल का दिल्ली से बाहर तबादला नहीं किया जाए। भाजपा की फायरब्रांड प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि टीम केजरीवाल के एक प्रमुख सिपहसालार माने जाने वाले वकील प्रशांत भूषण ने 2011 में ही श्रीमती प्रियंका वाड्रा के पति को क्लीन चिट दे दी थी।

श्रीमती लेखी ने कहा..कांग्रेस ने एक सोची समझी साजिश के तहत ..आप.. को खडे होने दिया है। जन्म मृत्यु की तरह यह कांग्रेस का ही अवतार है। जब कांग्रेस को समझ में आया कि वह जीत नहीं पाएगी और भाजपा को हरा नहीं पाएगी तो उसने अपना वोट इस नई पार्टी की ओर खिसका दिया। उन्होंने कहा..दिल्ली के नतीजे बताते हैं किकांग्रेस का वोट आम आदमी पार्टी के पास चला गया। भारतीय जनता पार्टी को दो प्रतिशत वोटों का नुकसान हुआ, इसके बावजूद हम सबसे अधिक सीटें जीतने में कामयाब रहे। दूसरी ओर कांग्रेस का सारा वोट आप को मिला और दिल्ली में उसका सफाया हो गया। 

श्रीमती लेखी ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर अपना स्थान आम आदमी पार्टी को दिया है। बेशक आम आदमी पार्टी से कांग्रेस को नुकसान होगा और इसका परोक्ष फायदा भाजपा को होगा। आम आदमी पार्टी आने वाले आम चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का  प्रयास करेगी लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाएगी। इतना सुनिश्चित है कि कांग्रेस का सफाया हो जाएगा।  उन्होंने दावा किया ..मोदी की देशभर में हवा है और उनके धुर विरोधी भी उनका विश्लेषण कर रहे हैं। लोगों को यह भी एहसास हो रहा है कि उन्हें अब तक जो परोसा जा रहा था, वह झूठ था। कुछ लोग टेप रिकार्ड बजा रहे थे जबकि मोदी अपना ट्रैक रिकार्ड दिखा रहे हैं। 2002 को लेकर झूठ फैलाया। गुजरात के अल्पसंख्यक समुदाय ही दूसरे राज्यों में जाकर अपने अच्छे अनुभव बता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए केंद्र की छात्रवृत्तियोजना एक ढकोसला साबित हुई। कुल मिलाकर दस करोड रूपये इसके लिए रखे गए जिसमें  से ढाई करोड रूपया राज्यों के हिस्से का था। पचपन हजार रपया छात्रों में इसे बांटा जाना था और इस तरह चार-पांच सौ रूपये मात्र का वजीफा दिया जाना था। इसके लिए पांच-पांच शपथ पत्र उस छात्र को भरने थे। कई छात्रों ने तो इसे लेने से ही इन्कार कर दिया। दूसरी ओर गुजरात की सरकार छह हजार रूपये या उससे कम आय वाले प्रत्येक परिवार के बच्चे को डेढ हजार रूपये महीने का वजीफा देती है, गुजरात ने यह वजीफा अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक आधार पर नहीं बल्कि आॢथक आधार पर दिया।


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