बिजली कंपनियों का ’काऊंटर अटैक‘

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Saturday, February 01, 2014-1:17 AM

नई दिल्ली(रोहित राय): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा ऑडिट करवाए जाने के आदेश के बाद दिल्ली में बिजली आपूर्ति की स्थिति बिगड़ती जा रही है। यमुना पार में शनिवार से 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा सकती है। 

इस स्थिति में यही कहा जा रहा है कि ऑडिट के आदेश के बाद निजी बिजली वितरण कंपनियों ने सरकार पर काऊंटर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसके तहत ही बी.एस.ई.एस. यमुना पॉवर लिमिटैड (बी.वाई.पी.एल.), बी.एस.ई.एस. राजधानी पावर लिमिटैड (बी.आर.पी.एल.) और टाटा  पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटैड (टी.डी.पी.डी.एल.) ने बिजली खरीद को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। 

60 लाख लोग होंगे प्रभावित: कंपनी ने यदि बिजली नहीं खरीदी तो बड़ी परेशानी होगी। इस स्थिति में यमुना पार और सैंट्रल दिल्ली के कुछ इलाकों में बिजली का संकट पैदा हो जाएग और60 लाख लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यहां पर घंटों की बिजली कटौती शनिवार से ही शुरू हो जाने की आशंका जताई जा रही है। 

सूत्रों का कहना है कि बिजली कंपनियां अब सरकार पर दबाव ऑडिट रुकवाने की योजना पर काम कर रही हैं। दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग के सूत्रों के मुताबिक ऑडिट होने से बिजली कंपनियों को पिछले कुछ वर्षों में हुए करोड़ों रुपए के मुनाफे की बात सामने आ जाएगी, इसी बात को लेकर भीतर ही भीतर बड़ी रणनीति बनाई जा रही है।

पत्र लिखकर बताई माली हालत: अपनी माली हालत से दिल्ली सरकार को अवगत करवाने के लिए बी.एस.ई.एस. यमुना पॉवर 

लिमिटैड के सी.ई.ओ. अरविंद गुजराल ने 25 जनवरी को बिजली सचिव पुनीत कुमार गोयल को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बताया कि कंपनी के पास भविष्य के लिए बिजली खरीदने के लिए पैसा नहीं है। कंपनी का कहना है कि उस पर दिल्ली ट्रांस्को, दामोदर घाटी निगम (डी.वी.सी.), सतलुज जल विद्युत निगमलिमिटैड (एस.जे.वी.एन.एल.), नैशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन (एन.टी.पी.सी.) और नैशनल हाईड्रो पॉवर कॉरपोरेशन (एन.एच.पी.सी.) का करीब 2500 करोड़ बकाया है। यह राशि चुकाने के लिए उसके पास पैसा नहीं है। 

ऐसे में और बिजली खरीदना भी मुश्किल हो रहा है। बी.वाई.पी.एल. ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से बात कर सुनिश्चित करें कि एन.टी.पी.सी. और एन.एच.पी.सी. उसे बिजली देते रहें। कंपनी ने यह भी लिखा है कि राज्य सरकार केंद्रीय वित्त मंत्रालय से अनुरोध करें कि बी.वाई.पी.एल. को बैंक लोन दिया जाए। 

कंपनी ने बताया है कि बी.एस.ई.एस. राजधानी पॉवर लिमिटैड (बी.आर.पी.एल.) और बी.वाई.पी.एल. को करीब 500 मैगावॉट बिजली कम मिल रही है जिससे रोजाना दिल्ली के विभिन्न इलाकों में बिजली कटौती करनी पड़ रही है।

 


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