चुनाव सुधारों पर आयोजित परिचर्चा में जनप्रतिनिधियों की अयोग्यता पर अलग-अलग राय

  • चुनाव सुधारों पर आयोजित परिचर्चा में जनप्रतिनिधियों की अयोग्यता पर अलग-अलग राय
You Are HereNational
Saturday, February 01, 2014-11:06 PM
नई दिल्ली :  विधि आयोग द्वारा आयोजित राजनीति का अपराधीकरण रोकने और गलत हलफनामे दाखिल करने वालों को अयोग्य करार देने के मुद्दे पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर की परिचर्चा में आज इन विषयों पर अलग-अलग राय देखने को मिली ।  इस कार्यक्रम में काफी कम राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया । अयोग्यता के मुद्दे पर कार्यक्रम में शिरकत करने वालों की राय बंटी हुई थी । 
 
 हुई परिचर्चा के आधार पर आयोग उपरोक्त दो मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगा जो इस महीने के अंत में उसे उच्चतम न्यायालय को पेश करना है । दिसंबर में उच्चतम न्यायालय ने विधि आयोग को दो मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट देने को कहा था ।
 
एक मुद्दा यह था कि क्या अभी के कानून की तरह दोषी ठहराए जाने पर अयोग्य करार दिया जाना चाहिए या ऐसा आरोप तय होने पर किया जाना चाहिए या फिर आरोप-पत्र दाखिल होने पर और दूसरा मुद्दा यह था कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 ए के तहत गलत हलफनामा दाखिल करना क्या अयोग्यता का आधार होना चाहिए । 
 
    न्यायालय ने यह भी जानना चाहा था कि यदि ये अयोग्यता का आधार बन सकते हैं तो ऐसे में अयोग्य करार देने के लिए कौन सा तरीका अपनाया जाना चाहिए ।  इनमें नेता, एनजीओ और अन्य पक्ष शामिल थे। कुछ लोगों ने दोषी ठहराए जाने के साथ ही अयोग्यत करार दिए जाने को सही करार दिया तो अन्य लोगों ने कहा कि किसी सक्षम अदालत द्वारा आरोप तय करते ही अयोग्य करार दिया जाना चाहिए । इस मुद्दे पर अपनी राय जाहिर करने के लिए सिर्फ 12 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया । 
  

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You