भ्रष्ट अधिकारियों खिलाफ छेड़ रखी है मुहिम: पुलिस महानिदेशक

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Sunday, February 02, 2014-2:16 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेश रिजवान अहमद हाल ही में देवराज नागर की जगह सूबे के नए डीजीपी बनाए गए हैं और इसी महीने वह सेवानिवृत्त भी होने वाले हैं। इतने कम समय में ही उन्होंने उप्र पुलिस की छवि सुधारने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने बताया कि अपराधियों, माफिया के खिलाफ  जंग का ऐलान तो किया ही गया है, भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ  भी मुहिम छेड़ दी गई है।

रिजवान अहमद ने आईएएनएस के साथ एक विशेष बातचीत में इस बात की जानकारी दी। रिजवान अहमद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1978 बैच के अधिकारी हैं और मूल रूप से बलिया के निवासी हैं। इससे पहले वह डीजी (रेलवे) और डीजी (टेलीकॉम) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी लड़ाई अपराधियों, माफिया के साथ-साथ उन भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों से भी है, जिनकी वजह से पुलिस की बदनामी हो रही है। अपराधियों, माफिया के साथ ही भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ  भी हमने मुहिम छेड़ रखी है।’’

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जनता को पुलिस से बड़ी अपेक्षाएं होती हैं। जब वह अपेक्षाएं पूरी नहीं होती हैं, तो दुख होता है। पुलिस को निरीह जनता का मददगार होना पड़ेगा। पुलिस को यह तय करना पड़ेगा किसके सामने उन्हें कठोर होना है और किसके साथ नरमदिली से पेश आना है। उन्होंने कहा, ‘‘समाज में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग होते हैं। समाज में 95 फीसदी लोग अच्छे होते हैं तो पांच प्रतिशत ऐसे भी होते हैं जो समाज को दूषित करने का काम करते हैं और इसी पांच प्रतिशत के भीतर पनपने वाले अपराधियों और माफिया के खिलाफ  खुली जंग छेड़ी गई है।’’

रिजवान ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पुलिस विभाग में भ्रष्ट लोग नहीं है। इस विभाग में 90 से लेकर 95 फीसदी लोग अच्छे हैं लेकिन पांच से दस फीसदी ऐसे भी लोग हैं, जो रक्षक की भूमिका में होते हुए भक्षक का काम करते हैं। अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए रिजवान अहमद ने दुष्यंत कुमार का शेर कहा, ‘सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।’

उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिश होनी चाहिए कि सूबे में हर धर्म, मजहब और पंथ से जुड़े लोग आपस में प्रेम और भाईचारे के साथ रहें और एक साथ मिलकर देश को प्रगति के पथ पर ले जाने का काम करें। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हम पूरी तरह से कटिबद्ध हैं। छेड़छाड़ से लेकर अन्य गंभीर मामलों में पुलिस तत्परता से कार्रवाई करेगी। महिलाओं की सुरक्षा उप्र पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है और उनके साथ किसी तरह का दुव्र्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’

सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी कुछ सोचा नहीं है। जो किस्मत में लिखा होगा वही मिलेगा। सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में शामिल होने के सवाल को पुलिस महानिदेशक हंस कर टाल गए और बस इतना कहा कि ऐसा कोई इरादा नहीं है।
 


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