‘रामराज्य का विचार सपने में बना हुआ है’

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Tuesday, February 04, 2014-9:01 AM

नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ‘रामराज्य’ का विचार इस देश के सपने और आकांक्षाओं में बना हुआ है। तेल मंत्री वीरप्पा मोईली के महाकाव्य ‘श्री रामायण अन्वेषणम’ का हिंदी संस्करण जारी करते हुए मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रामराज्य कोई सामाजिक विचार नहीं बल्कि एक शासन कौशल का एक मॉडल है। उन्होंने कहा, ‘‘जब गांधीजी रामराज्य का सपना देखते थे तब यह कोई सामाजिक विचार नहीं था बल्कि यह शासन कौशल का एक मॉडल है......हम उसे वास्तविकता में लागू नहीं कर पाए है लेकिन यह अब भी हमारे सपनों में बना हुआ है, यह हमारी कल्पनाओं में बना हुआ है जिसकी हम आकांक्षा पालते हैं।’’

 

मोईली के दो खंड के इस महाकाव्य का कन्नड़ से हिंदी में अनुवाद प्रधान गुरूदत्ता ने किया है जिसे राष्ट्रपति को सौंपा गया। मुखर्जी ने कहा कि कुछ नेताओं ने ही अपने विचार को कलमबद्ध किया है और मोईली उनमें से एक हैं जिन्होंने सरकारी दायित्व निभाते हुए अपने विचारों को कविता के रूप में पिरोया।

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