पाक जाने के लिए मछुआरे की बेटी ने सोनिया, मनमोहन से मांगी मदद

  • पाक जाने के लिए मछुआरे की बेटी ने सोनिया, मनमोहन से मांगी मदद
You Are HereNational
Saturday, February 08, 2014-3:06 PM

वडोदरा: पाकिस्तान की जेल में मरे एक गुजराती मछुआरे की बेटी ने अपने पिता को श्रद्धासुमन अर्पित करने पाकिस्तान जाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दोबारा पत्र लिख कर उनसे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मदद मांगी।  दिसंबर 2013 में कराची की जेल में मरे भीखा लाखा शियाल की 12 साल की बेटी भाविका ने आज कहा, ‘‘मैं आज सोनिया, मनमोहन सिंह और अन्य नेताओं को दूसरा पत्र लिख रही हूं जिसमें मुझे और परिवार के अन्य सदस्यों को पासपोर्ट और वीजा हासिल करने में मदद मांगी गई है ताकि मैं अपने दिवंगत पिता को अंतिम सम्मान पेश कर सकूं।’’

जूनागढ़ जिले के गराल गांव के रहने वाले शियाल (35) को कथित रूप से पाकिस्तानी अधिकारियों ने पकड़ लिया था। उनकी मौत की खबर उनके परिवार को 4 जनवरी को दी गई। भाविका ने कहा, ‘‘हम समाज के सबसे निचले हिस्से से आते हैं। हालांकि हम अपने पिता के अंतिम संस्कार यहां करना चाहते हैं। हमें पाकिस्तान सरकार से उनका शव अभी तक नहीं मिला है। इस लिए, हमें उस देश में भेजने का प्रबंध किया जाना चाहिए।’’ भाविका की मां देवुबेन का दो साल पहले निधन हो गया था। उसकी मामी उसे और उसके तीन साल के भाई पिनाक को पाल रही हैं।

सोनिया को 28 जनवरी को लिखे अपने पहले पत्र में भाविका ने कहा था, ‘‘मैं सोनिया जी से दरख्वास्त कर रही हूं क्योंकि एक मां होने के नाते वह मेरे और मेरे तीन साल के भाई के दुख समझेंगी। दो साल के अंतराल में अपने पिता और मां के निधन पर हम अनाथ हो गए।’’
भाविका की मामी सोनाबेन को संदेह है कि जेल में उसके भाई भीखा की ‘‘अप्राकृतिक’’ मौत हुई होगी।

मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि मछुआरे की मौत के ‘‘रहस्य’’ के चलते पाकिस्तान के अधिकारी उनका शव भेजने में विलंब कर रहे हैं। गुजरात मछुआरा संघ के उपाध्यक्ष वेलजीभाई मसानी ने कहा है कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने इस संबंध में तमाम औपचारिकताएं पूरी कर दी है। फिर भी, पाकिस्तान सरकार मछुआरे का पार्थिव शरीर नहीं भेज रहा है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You