2002 के दंगों को लेकर रमेश, शाह में कहासुनी

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Thursday, February 13, 2014-11:43 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और भाजपा नेता अमित शाह के बीच गुजरात में 2002 में भड़के दंगों को लेकर आज कहासुनी हो गयी जब रमेश ने कहा कि एसआईटी द्वारा नरेंद्र मोदी को दी गई क्लीन चिट स्वीकार करने वाली अहमदाबाद की अदालत राज्य सरकार के प्रभाव में हो सकती है। मोदी के करीबी सहयोगी शाह ने इस आरोप पर रमेश पर पलटवार करते हुए कहा कि स्थानीय अदालतें राज्य सरकारों से अलग स्वतंत्रता से काम करती हैं और उच्च न्यायपालिका के अधीन होती हैं।

उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार अपने शासन के रिकार्ड पर बहस से बचती है और चुनावों में धु्रवीकरण के लिए 2002 के दंगों को उठाती है। गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री ने इस आरोप का भी खंडन किया कि मोदी मुस्लिम पीड़ितों से मिलने नहीं गये थे। शाह ने कहा कि मोदी आठ मुस्लिम शिविरों में गये थे और उन्होंने समुदाय के आर्थिक विकास के लिए काम किया।

जब शाह ने दंगों के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी की क्लीन चिट की बात की तो रमेश ने कहा, ‘‘निचली अदालत कहां है? अहमदाबाद में।’’ ‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम में परिचर्चा के दौरान शाह ने कहा, ‘‘वे यह नहीं कह सकते कि राहुल उनके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं लेकिन आप जहां भी जाओ और मैं भी उत्तर प्रदेश और गुजरात में जहां जा रहा हूं, कांग्रेस के अभियान में और पोस्टरों में सारा ध्यान उन्हीं (राहुल) पर है।’’

रमेश ने कहा कि अभियान के पहले चरण में यह बात सही हो सकती है क्योंकि पार्टी जनता को बताना चाहती है कि उनके उपाध्यक्ष राहुल गांधी तथा मोदी व आप नेता अरविंद केजरीवाल में क्या अंतर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हमारा अभियान कार्यक्रमों, एजेंडा और वायदों पर होगा।


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