गर्ग परिवार हत्या मामला सीबीआई के पास

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Tuesday, February 18, 2014-9:19 PM

नई दिल्ली: लगभग 13 साल पहले एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने अपने हाथ में लेकर उसकी दोबारा जांच शुरू कर दी है। उत्तरप्रदेश पुलिस की कमजोर जांच की वजह से सुनवाई अदालत सेे हत्या के सभी आरोपी बरी हो गए थे। 24 जुलाई 2001 को सीमा (30 वर्ष) उनके दो बच्चे भाव्या (4 वर्ष) और प्रत्यक्ष (8 माह) की उत्तरप्रदेश में हापुड़ जिले के पिलखुवा में हत्या कर दी गई थी।

राज्य पुलिस ने एक माह के भीतर अपने आरोप पत्र में सीमा के पति नितिन गर्ग और दो लोगों पर हत्या का आरोप तय किया था। अगले साल 16 जुलाई 2002 को गर्ग की भी हत्या कर दी गई थी और दो अन्य आरोपियों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 16 अक्तूबर 2004 को बरी कर दिया था। न्यायाधीश ने आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि जांच संतोषजनक नहीं थी।

नितिन गर्ग की हत्या की जांच करने वाली स्थानीय पुलिस ने 2002 में चार आरोपियों के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया था लेकिन उन सब को भी अदालत ने 27 अगस्त 2003 में बरी कर दिया था। नितिन गर्ग की मां सुनीता देवी ने वर्ष 2005 में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर करके एक पूरी जांच का अनुरोध किया था। उनकी इस याचिका को न्यायाधीश एच एल गोखले और जे चेलामेश्वर की पीठ ने स्वीकार कर लिया था।

शीर्ष अदालत ने सीबीआई के इस दावे को खारिज कर दिया था कि वह यह मामला अपने हाथ में नहीं ले सकती। सीबीआई प्रवक्ता कंचन प्रसाद ने कहा, ‘‘सीबीआई ने उन दोनों ही मामलों को अपने हाथ में ले लिया है, जिनका पंजीकरण और जांच पहले उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा की गई थी।’’


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