लोकसभा चुनाव: तीन देवियां होंगी एक!

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Saturday, March 08, 2014-1:32 PM

कोलकाता/नई दिल्ली: महिला दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय राजनीति की 3 प्रमुख नेत्रियों ने साथ आने का संकेत देकर अपनी भावी राजनीतिक ताकत के संकेत दे दिए हैं। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती और ए.आई.ए.डी.एम.के. की मुखिया जयललिता चुनाव बाद साथ आकर महिला शक्ति का नजारा दिखा सकती हैं। ममता बनर्जी और जयललिता तो एक दूसरे का हाथ थामने को तैयार दिख रही हैं। वहीं, मायावती किसी भी कीमत पर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक न पहुंचने देने का खुला एलान कर चुकी हैं।

नए घटनाक्रम से जान पड़ रहा है कि तीनों प्रमुख नेत्रियां चुनाव बाद गठबंधन में बंध सकती हैं। हालांकि, मायावती ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस सबके बीच ममता पहले ही कह चुकी हैं कि उन्हें माया व जयललिता के साथ आने से कोई परहेज नहीं है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का बढ़ाया दोस्ती का हाथ थामने के लिए ए.आई.ए.डी.एम.के. प्रमुख जयललिता ने भी कदम बढ़ा दिया है। वीरवार को ममता ने संकेत दिया था कि उन्हें जयललिता के साथ काम करने में कोई समस्या नहीं है। इसके बाद शुक्रवार को जयललिता ने ममता को फोन किया। बताया जा रहा है कि चुनावों को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई है। जयललिता ने उन्हें समर्थन देने की बात पर ममता को धन्यवाद भी दिया।

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को सुबह के समय जयललिता ने ममता को फोन करके आगामी चुनावों के मद्देनजर अपने विचार रखे। हालांकि, बातचीत को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है।

उल्लेखनीय है कि वीरवार को ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर वह चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बनती हैं तो उन्हें जयललिता के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। जयललिता को समर्थन देने के सवाल पर बनर्जी ने कहा कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं कुर्सी से ज्यादा व्यक्ति की ङ्क्षचता करती हूं। तृणमूल सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव और चुनाव बाद गठबंधन को लेकर

तीन देवियां होंगी...
बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि लेफ्ट दलों के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद जयललिता ने ममता का रुख किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव परिणामों के बाद दोनों दल साथ आने पर विचार कर सकते हैं। गौरतलब है कि पूरे देश में अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर चुकी ममता बनर्जी तमिलनाडु में चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी। इसी तरह, एआईएडीएमके भी पश्चिम बंगाल में उम्मीदवार नहीं खड़े करेगी।

तिकड़ी बिगाड़ सकती है खेल: ममता बनर्जी पहले ही एक चैनल से बातचीत में साफ कर चुकी हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ आने से उन्हें कोई परहेज नहीं है। इस बीच, मायावती ने बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी को सत्ता से दूर रखने की हुंकार भर दी है। मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने नहीं देगी। बदलते समीकरण के बीच ममता, जयललिता और मायावती के साथ आने के संंकेत मिलने लगे हैं। जानकारों का मानना है कि तीन प्रदेशों के प्रमुख दलों के साथ आने से ममता, माया और जयललिता की तिकड़ी आने वाले चुनाव में सत्ता की ओर बढऩे का दावा कर रहे प्रमुख दलों का खेल बिगाड़ सकती है।

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