टीआरएस, डीएमके के बिना कांग्रेस

  • टीआरएस, डीएमके के बिना कांग्रेस
You Are HereNcr
Wednesday, March 12, 2014-2:31 PM

नई दिल्ली (अजीत के. सिंह): कांग्रेस के लिए दक्षिण भारत में मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं। दक्षिण भारत के दो राज्यों तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में पार्टी वहां के 2 प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ कांग्रेस की गठबंधन की संभावना तकरीबन खत्म हो चुकी है। ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि तेलंगाना के गठन के बाद आंध्रप्रदेश में कांग्रेस टी.आर.एस. के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, वहीं आंध्रप्रदेश में टी.आर.एस. का कांग्रेस में विलय की संभावना भी जताई जा रही थी। इस संदर्भ में कांग्रेस के एक वरिष्ठ प्रवक्ता के अनुसार ‘गठबंधन की संभावना अब बेहद ही कम है लेकिन दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं।’

 
तमिलनाड़ में भी कांग्रेस को अब अकेले ही चुनाव लडऩा होगा। डी.एम.के. ने इस बात के संकेत काफी पहले दे दिए थे कि वह इस लोकसभा चुनाव में यू.पी.ए. के साथ मिलकर चुनाव नहीं लडऩे वाली है। हालांकि कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार करीब 2 हफ्ते पहले कांग्रेस ने दोबारा डी.एम.के. के साथ गठबंधन की कोशिश की थी लेकिन इस दिशा में पार्टी को कोई सफलता नहीं मिल पाई। संभावना इस बात की भी जताई जा रही है कि अगर लोकसभा चुनाव में एन.डी.ए. बहुमत के करीब रहती है तो डी.एम.के. सरकार बनाने के लिए एन.डी.ए. को समर्थन दे सकती है। पिछले महीने एक इंटरव्यू के दौरान डी.एम.के. चीफ करुणानिधि ने इसके संकेत भी दे दिए। करुणानिधी ने भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को अपना मित्र और एक मेहनती मुख्यमंत्री कहा था। इस बयान के साथ ही इस बात के कयास और तेज हो गए कि डी.एम.के. यू.पी.ए. के बजाए एन.डी.ए. को अपनी पहली पसंद मान रही है।      
यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You