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नई पद्धति से बची डॉक्टर की जान

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Friday, March 21, 2014-9:49 PM

 नई दिल्ली : दिल्ली में एक डॉक्टर ने दवाई को अधिक मात्रा में खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसके कुछ समय बाद उसका दम घुटने लगा। उसके परिवार के परिजनों ने उसे  गंभीर  हालत में गंगा राम अस्पताल में भर्ती करवाया जिसके बाद अब उसकी सेहत मेें पहले से सुधार हुआ है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि डाईजॉक्सिन नामक दवा को अधिक मात्रा में लेने  से उसके पूरे शरीर में जहर फैल गया था, जिसका असर खत्म करने के लिए हमने चारकोल डायलिसिस का इस्तेमाल किया।

दरअसल जहर के असर को कम करने के लिए इससे पहले डॉक्टर एंटीबॉडी फ्रैग्मेंट नामक दवा का इस्तेमाल करते थे, जिसे अमेरिका से मंगवाया जाता था। इस दवा की एक डोज के लिए मरीज को एक लाख रुपये देने पड़ते थे। लेकिन अब नई पद्धति से महज दस हजार रुपये की लागत से ही मरीज की जान बचाई जा सकती है। ऐसी पद्धति भारत में पहली बार अपनाई गई है।  

 

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