जनता की नजरों में असली जंग भाजपा और कांग्रेस के बीच ही

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Thursday, March 27, 2014-7:19 PM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा): दक्षिण दिल्ली की सीट पर इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के दो पुराने प्रतिद्वंदी एक बार फिर से आमने-सामने हैं। भाजपा ने एक बार फिर से जहां विधायक रमेश बिधूड़ी को ही मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने वर्तमान सांसद रमेश कुमार पर ही भरोसा जताया है। वैसे आप के प्रत्याशी देवेन्द्र सहरावत भी चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला दोनों रमेश के बीच ही होता दिखाई दे रहा है।

याद रहे कि वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भी रमेश बिधूड़ी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके थे। उस चुनाव में भी दिल्ली के दिग्गज जाट नेता व पूर्व सांसद सज्जन कुमार के छोटे भाई रमेश कुमार ने ही रमेश बिधूड़ी को हराया था। लेकिन इस बार भाजपा के नेताओं ने जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए तुगलकाबाद के विधायक रमेश बिधूड़ी को फिर से प्रत्याशी बनाया है। रमेश कुमार को गत चुनाव तक दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र में कोई ठीक तरह से जानता तक नहीं था, लेकिन सज्जन कुमार बड़े भाई सज्जन कुमार के नाम का सहारे वह जीत का स्वाद चखने में कामयाब रहे थे।

इस बार देखना यह होगा कि रमेश कुमार को गत 5 साल के दौरान किए गए अपने काम और भाई सज्जन कुमार के नाम का फायदा मिलता है या फिर रमेश बिधूड़ी का इस बार संसद की दहलीज पर कदम रखने की मुराद पूरी होगी। गत चुनाव में हुई अपनी हार का बदला लेने के लिए बिधूड़ी पिछले 5 साल से इंतजार कर रहे हैं।

हालांकि आम आदमी पार्टी ने इस लोकसभा क्षेत्र से देवेन्द्र सहरावत को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन जनता की नजरों में आप के लिए यह सीट सबसे कमजोर नजर आ रही है। इसकी वजह यह है कि गत वर्ष हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में सहरावत ने बिजवासन से चुनाव लड़ा था और वह हार गए थे। अभी तक के चुनावी समीकरण को देखते हुए ऐसा नहीं कहा जा सकता कि सहरावत इस लोकसभा चुनाव में प्रभावशाली साबित होंगे। इलाके के लोगों का कहना है कि इस बार आप उम्मीदवार को अरविंद केजरीवाल की छवि का कोई खास लाभ नहीं मिल पाएगा। वजह साफ है कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से जनता की नजरों में खासतौर से मध्यम वर्ग के लोगों में आप का ग्राफ काफी गिर गया है। दक्षिण दिल्ली की सीट पर अभी तक सभी दलों के प्रत्याशियों द्वारा किए गए जनसम्पर्क और चुनाव प्रचार को देखते हुए असली मुकाबला रमेश कुमार और रमेश बिधूड़ी के बीच ही होता दिखाई दे रहा है।
 

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