'औरंगाबाद की घटना नीतीश सरकार के लिए कलंक'

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Tuesday, April 08, 2014-5:44 PM

पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार के औरंगाबाद में हुई नक्सली घटना को नीतीश सरकार के लिए कलंक बताते हुए आज कहा कि राज्य सरकार चाहे जितना भी प्रायश्चित कर ले। यह कलंक धुलने वाला नहीं है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने यहां कहा कि बिहार आज उग्रवाद के बारूद के ढ़ेर पर बैठा है। दिन प्रतिदिन उग्रवादियों के क्षेत्र और क्षमता में विस्तार हो रहा है लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने की बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

उन्होंनें जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के एक नेता पर उग्रवादियों से मिली भगत की खबरों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह अपने आप में ही गंभीर सवाल खड़े करता है। झा ने बताया कि राज्य सरकार के रवैये के कारण आम जनता और उसकी रक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों का जीवन खतरे में पड़ गया है। सरकार ठोस कार्रवाई करने की बजाए बयानबाजी करने में ही व्यस्त है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने नीतीश सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को भी दिखा दिया कि कैसे सीआरपीएफ का एक उप कामंडेंट घायल होने के बाद मेडिकल सुविधाओं के लिए सरकार से लगातार गुहार लगाता रहा और अंतत: समुचित ईलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।

कुमार ने कहा कि इसी तरह कांग्रेस के भी घोषणा पत्र में एक बार भी बिहार शब्द का उल्लेख नहीं है, वहीं राजद ने अपने घोषणा पत्र में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात कही गई है जो सबसे बड़ा मजाक है। सच्चाई यह है कि विशेष दर्जा की लड़ाई जब मुकाम पर पहुंचने वाली थी तब राजद ने ही कांग्रेस के साथ मिलकर इस मामले को ठंडे बस्ते में डलवा दिया।

उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि बिहार के हितों के लिए लडऩे वाला एक मात्र दल जदयू ही है। जदयू नेता ने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र से यह साफ जाहिर हो गया है कि भाजपा अपने पुराने रंग में आ गई है। विवादित मुद्दे फिर से उसके एजेंडे में आ गए है। अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण, राम मंदिर, समान आचार संहिता, धारा 370 और गौ वंश का संरक्षण जैसे मुद्दों को अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल कर भाजपा साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है।

कुमार ने कहा कि मदरसों के आधुनिकीकरण के नाम पर भाजपा उनकी स्वायत्ता प्रभावित करना चाहती है, दरअसर भाजपा का घोषणा पत्र विकास और सुशासन के नाम पर हिन्दुत्ववादी एजेंडे को लागू करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने घोषणा पत्र में कहा है कि वह कुछ चुने हुए रक्षा उद्योगों में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी समेत निजी क्षेत्रों की भागीदारी तथा निवेश को बढ़ावा देगी। यह अत्यंत खतरनाक खेल है जो भारत को युद्ध का मैदान बना देगा। इस की अंतिम परिणति यह होगी कि अमरिका की तरह बड़े औद्योगिक घराने औद्योगिक सैन्य प्रतिष्ठान में बदल जाएंगे। जिनकी पकड़ राजसत्ता पर और प्रभावी हो जाएगी।

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