MP: किसानों ने सुनाई बर्बादी की दास्तां

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Sunday, March 16, 2014-10:56 AM

भोपाल: मध्य प्रदेश में पिछले दिनों आसमान से बरसी आफत से तबाह हुई फसलों को केन्द्रीय अध्ययन दल ने खेतों में जाकर देखा। वहीं किसानों ने इस बर्बादी की कहानी सुनाई और मदद की गुहार लगाई। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों का अध्ययन दल गुरुवार से राज्य के दौरे पर है। इस दल के सदस्यों ने तीन हिस्सों में बंटकर राज्य के विभिन्न ओला प्रभावित इलाकों का शुक्रवार को जायजा लिया।

एक दल विदिशा जिले के विदिशा और ग्यारसपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के गांवों में अति-वृष्टि  और ओला-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा लिया। केन्द्रीय अध्ययन दल में तीन विभाग के संचालक शामिल थे। दल का नेतृत्व कृषि मंत्रालय के संचालक एम$ एन$ सिंह ने किया। दल के सदस्यों ने ग्राम वण्डवा पहुंचकर पीड़ित रामचरण के खेत को देखा। इसी प्रकार ग्राम बोरीरामपुर में बुन्देल सिंह के खेत को देखा। बुन्देल सिंह ने बताया कि 27 फरवरी को अचानक ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। ग्राम महुआखेडा के शिवप्रताप सिंह ने बताया कि सरबती गेहूं बोया था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया है। यहां पर मूडरा की नर्बदाबाई ने मकान गिरने की जानकारी दल के सदस्यों को दी।

दल का नेतृत्व कर रहे कृषि मंत्रालय के संचालक सिंह ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि नुकसान और पीड़ितों की भावना से संबंधितों को अवगत करवाया जाएगा, ताकि नियमानुसार राहत राशि प्रदाय की जाए। केन्द्रीय अध्ययन दल के अन्य समूह के सदस्यों ने टीकमगढ जिले के 20 गांव में अति-वृष्टि और ओला-वृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया। दल के सदस्य खरगापुर, बलदेवगढ और टीकमगढ तहसील के गांव में गए। फसलों का नुकसान देखने के साथ ही उन्होंने पीड़ित किसानों से भी बातचीत की। केन्द्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय में अवर सचिव संदीप सक्सेना के नेतृत्व में आए इस दल ने क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों को भी देखा।


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