नहीं चला ‘एक नोट कमल पर वोट’

  • नहीं चला ‘एक नोट कमल पर वोट’
You Are HereNcr
Saturday, March 22, 2014-10:51 AM

नई दिल्ली  (सज्जन चौधरी) भारतीय जनता पार्टी का एक नोट कमल पर वोट कार्यक्रम फ्लॉप हो गया है। मोदी की लहर होने का दावा करने वाली भाजपा को दिल्ली में करारा झटका लगा है। इस अभियान के जरीए भाजपा 4 करोड़ रुपए जुटाना चाहती थी लेकिन एक महीने तक गलियों के चक्कर काटने के बाद भाजपा को महज एक लाख छत्तीस हजार रुपए मिले।


भाजपा सूत्रों के अनुसार उम्मीद के मुताबिक पैसे न मिलने के कारण भाजपा चंदे में मिली रकम को सार्वजनिक नहीं कर रही है। विधानसभा चुनावों की कसर पूरी करने के लिए भाजपा ने दिल्ली में एक नोट कमल पर वोट कार्यक्रम शुरू किया था। 11 फरवरी को शुरू हुए इस अभियान में भाजपा नेताओं को घर-घर जाकर लोगों से चंदा मांगना था। अभियान को परवान चढ़ाने की जिम्मेदारी मुख्यत: जिलाधिकारियों और निगम पार्षदों पर थी।

सूत्रों का कहना है कि अभियान की शुरूआत के समय पार्टी पार्षदों और जिलाधिकारियों ने खासी दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन जैसे ही पार्टी के उच्चाधिकारियों का ध्यान लोकसभा टिकट बंटवारे पर गया, लोगों ने इस अभियान से ध्यान हटा लिया। गौरतलब है हाल ही में इस अभियान के तहत डिब्बा नहीं भरने के मामले में पार्टी में आपस में मारपीट की नौबत तक आ गई थी।


बीते शुक्रवार को रोहिणी सैक्टर-16 स्थित बंसल भवन में ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। शुक्रवार को इसी कार्यक्रम की समीक्षा करने के लिए बंसल भवन में बैठक बुलाई गई थी। बैठक में प्रभात झा ने पैसों के डिब्बे खाली होने की वजह कार्यकत्र्ताओं से पूछी तो सभी ने अपने-अपने तर्क रखे।

जिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंडल अध्यक्ष योगेंद्र मान ने कहा कि हम किसी के बाप के नौकर नहीं हैं, जो पैसे वसूली करते रहें। इससे जिला महामंत्री विनोद सहरावत और मान के बीच बहस मारपीट तक पहुंच गई। इस मामले में पार्टी प्रवक्ता हरीश खुराना का कहना है कि इस अभियान का मकसद पैसे जुटाना नहीं था।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You