चुनावी समर में जातीय गोलबंदी रहेगी अहम

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Sunday, March 30, 2014-11:23 AM
नई दिल्ली  (अमित कसाना): वेस्ट दिल्ली लोकसभा सीट पर सभी राजनीतिक पार्टियां जातीय समीकरण के तिकड़म में लगी हैं। वे अपने स्तर पर इस सीट पर मौजूद पंजाबी, सिख, जाट, पूर्वांचली व ब्राह्मण समेत अन्य जाति के वोटरों को लुभाने के हर संभव हथकंडें अपना रही हैं। 
गौरतलब हैं कि इस सीट पर जाट, पंजाबी व सिख वोटरों का दबदबा है। यहां ये तीनों जातियां किसी भी प्रत्याशी की नैय्या पार लगाने व डुबाने का काम करेंगी। उधर, लोकसभा में अनधिकृत कॉलोनियों व स्लम बस्ती में पूर्वांचली वोटरों की संख्या काफी अधिक है, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। 
 
4 विधानसभा सीटों पर राजौरी गार्डन, हरिनगर व तिलक नगर, जनकपुरी पर पंजाबी व सिख वोटर अधिक हैं। वहीं, कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां जाट व पूर्वांचली वोटरों की संख्या अधिक है। कांग्रेस पार्टी ने जहां पूर्वांचली प्रत्याशी महाबल मिश्रा पर दांव खेला है वहीं, बीजेपी के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा जाट हैं। उधर, आप प्रत्याशी जरनैल सिंह के सिख होने से इस सीट पर मुकाबला और भी रोचक हो गया है। जरनैल सिंह एक प्रैसवार्ता में चिदंबरम पर जूता फैंकने से काफी चर्चित रहे हैं। वेस्ट दिल्ली में महाबल मिश्रा का नाम कांग्रेस के पुराने महारथी व पूर्वांचली वोट बैंक के बड़े नेताओं में गिना जाता है।  वहीं, प्रवेश युवा जाट नेता व पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे होने के नाते जाट वोटों पर पकड़ रखेंगे। 
 
उधर, दिल्ली की राजनीति में गत विधानसभा चुनाव में धमाकेदार एंट्री करने वाली आप पार्टी के जरनैल सिंह सिख वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। गत विधानसभा चुनाव में जिस तरह आप पार्टी को अनधिकृत कॉलोनियों व स्लम बस्तियों के वोट मिले, उससे दोनों बड़ी पार्टियों की त्यौरियां चढऩी तय हैं। बहरहाल, चुनावी माहौल कुछ भी कह रहा हो। आखिरी फैसला तो लोगों के वोट व रिजल्ट ही बताएगा। 

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