'श्रीसंत पर प्रतिबंध प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है'

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Sunday, September 15, 2013-11:05 AM

नयी दिल्ली: वकील रेबेका जान ने अपने मुवक्किल एस श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध को ‘विचित्र’ करार करते हुए कहा कि यह विवादास्पद तेज गेंदबाज बीसीसीआई के फैसले को अदालत में चुनौती देगा क्योंकि यह ‘पूरी तरह से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ’ है।

बीसीसीआई ने आईपीएल की आंतरिक जांच में श्रीसंत को स्पॉट फिक्सिंग को दोषी पाये जाने के बाद उन्हें आजीवन प्रतिबंधित करने का फैसला किया। बोर्ड की भ्रष्टाचार रोधक एवं सुरक्षा इकाई के प्रमुख रवि सवानी ने यह जांच की थी।

रेबेका ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ से कहा, ‘‘(बीसीसीआई का) यह आदेश पूरी तरह से प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। ’’

श्रीसंत की वकील ने कहा, ‘‘यह जांच दिल्ली पुलिस के सदस्यों के साथ व्यक्तिगत बातचीत तथा पुलिस द्वारा सत्र अदालत में दायर आरोपपत्र से ली गयी सामग्री के आधार पर है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा है तो उन्हें यह निर्धारित करने के लिये अदालत का इंतजार करना चाहिए था कि इसमें कोई कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं। ’’


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