पाकिस्तान के खिलाफ खेलते ही युवराज के नाम दर्ज होगा एक और बड़ा रिकॉर्ड

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Saturday, June 17, 2017-4:42 PM

लंदन: भारत के धुरधंर आलराउंडर युवराज सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टूर्नामेंटों में सात फाइनल खेलने वाला पहले खिलाड़ी बनने जा रहे हैं। युवराज पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेलने के साथ ही यह अभूतपूर्व रिकॉर्ड बना देंगे। युवराज इससे पहले तक आस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और श्रीलंकाई जोड़ी कुमार संगकारा तथा माहेला जयवर्धने की बराबरी पर थे जिन्होंने छह-छह बार आईसीसी टूर्नामेंटों के फाइनल खेले थे।   

चैंपियंस ट्राफी के सेमीफाइनल में उतरकर 300 वनडे खेलने की उपलब्धि हासिल कर चुके युवराज ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी से ही की थी। वह इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची भारतीय टीम के सदस्य थे। युवराज वर्ष 2002 में चैंपियंस ट्राफी में संयुक्त रूप से विजेता रही भारतीय टीम में शामिल थे। युवराज 2003 विश्वकप के फाइनल में पहुंचकर उपविजेता रही भारतीय टीम में शामिल थे। वर्ष 2007 में पहले टी-20 विश्वकप में भारत को विजेता बनाने में युवराज की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मैच में स्टुअर्ट ब्राड के एक ओवर में छह छक्के मारे थे। 

वर्ष 2011 के एकदिवसीय विश्वकप में भारत की खिताबी जीत में युवराज मैन आफ द टूर्नामेंट रहे थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 90.50 के औसत से 362 रन बनाये थे और 5.02 के इकोनॉमी रेट से 15 विकेट लिये थे।  युवराज 2014 में टी-20 विश्वकप के फाइनल तक पहुंची भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। हालांकि उनका प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। मौजूदा आईसीसी चैंपियंस ट्राफी में युवराज ने पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच में शानदार मैच विजयी पारी खेली थी और मैन आफ द मैच भी बने थे। ‘सिक्सर किंग’के नाम से मशहूर युवराज इस टूर्नामेंट में उतरने के साथ ही 14 आईसीसी टूर्नामेंटों में उतरने वाले पहले भारतीय बन गये थे। उन्होंने इसके साथ ही चैंपियंस ट्राफी में पांच बार खेलने के सचिन तेंदुलकर के रिकार्ड की भी बराबरी कर ली थी।  

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