प्रोटीन के नाम पर भ्रामक दावे करना पड़ा भारी, Amazon-Flipkart समेत 6 कंपनियों को FSSAI का नोटिस

Edited By Updated: 09 Oct, 2026 03:04 PM

making misleading claims regarding protein proves costly

प्रोटीन पाउडर और हेल्थ सप्लीमेंट्स के बढ़ते बाजार के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक दावों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य नियामक ने प्रोटीन से जुड़े दावों को लेकर Amazon, Flipkart, Nestlé Health Science, Dr.

नई दिल्ली: प्रोटीन पाउडर और हेल्थ सप्लीमेंट्स के बढ़ते बाजार के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक दावों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य नियामक ने प्रोटीन से जुड़े दावों को लेकर Amazon, Flipkart, Nestlé Health Science, Dr. Reddy’s, Tirupati Wellness और Netmeds समेत छह कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। वहीं, श्रेयश रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस भी निलंबित किए जाने के बजाय तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रोटीन के नाम पर ग्राहकों को गुमराह करने का आरोप

आजकल फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण प्रोटीन पाउडर की मांग बढ़ रही है। कई लोग मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर में प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। इसी बीच, उत्पादों पर किए जाने वाले दावों को लेकर खाद्य नियामक ने सवाल उठाए हैं।

FSSAI की आपत्ति उन उत्पादों के लेबल और प्रचार से जुड़ी है, जिनमें ‘हाई प्रोटीन कंटेंट’, ‘मसल्स स्ट्रेंथ’, ‘लीन मसल्स मास’ और ‘एनर्जी मेटाबॉलिज्म’ जैसे दावे किए जाते हैं। नियामक ने कंपनियों से पूछा है कि ऐसे दावों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

Amazon ने दी सफाई

Amazon के प्रवक्ता के मुताबिक, Amazon.in पर तीसरे पक्ष के विक्रेता अपने उत्पादों की बिक्री करते हैं। कंपनी का कहना है कि विक्रेताओं को भारतीय कानून और Amazon की नीतियों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं। किसी उत्पाद के खिलाफ कार्रवाई होने पर उसे प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है।

एक्सपायर्ड उत्पादों पर भी कार्रवाई

FSSAI ने श्रेयश रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी के खिलाफ एक्सपायर्ड और खराब उत्पादों की बिक्री को लेकर शिकायतें मिली थीं। निरीक्षण के दौरान परिसर में एक्सपायर्ड और एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके उत्पाद पाए गए।

खाद्य उत्पादों की लेबलिंग पर बढ़ी निगरानी

खाद्य नियामक पहले भी ‘नो शुगर’, ‘100% नेचुरल’, ‘हेल्दी’ और ‘प्रोटीन रिच’ जैसे दावों वाली लेबलिंग को लेकर कंपनियों पर कार्रवाई कर चुका है। इसके अलावा, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डार्क स्टोरों पर भी खाद्य पदार्थों के भंडारण और एक्सपायर्ड उत्पादों से जुड़ी खामियों को लेकर निरीक्षण किए गए हैं।

FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, सही लेबलिंग और उपभोक्ताओं को सटीक जानकारी सुनिश्चित करना है, ताकि ग्राहक भ्रामक दावों के आधार पर खरीदारी न करें।
 

 

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